हिमाचल प्रदेश : बहुचर्चित कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। फोरलेन परियोजना के तहत पंडोह-औट के बीच बनी दो नई सुरंगों को सोमवार से ट्रायल रन के लिए वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
लंबे इंतजार के बाद अब यात्रियों को पुराने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के जाम, संकरे रास्तों और खतरनाक मोड़ों से राहत मिलने की उम्मीद है। नई सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू के बीच सफर पहले के मुकाबले और आसान हो जाएगा।
सुरक्षा जांच के बाद मिली मंजूरी
जानकारी के अनुसार, इन सुरंगों को शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
रविवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सुरक्षा कमेटी के उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद सुरंगों को ट्रायल रन के लिए खोलने की औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई।
पुराने मार्ग के लंबे सफर से मिलेगी राहत
फोरलेन निर्माण से पहले यात्रियों को पंडोह-औट क्षेत्र में पुराने मार्ग से गुजरना पड़ता था।
इस दौरान करीब साढ़े पांच किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। इसके अलावा सड़क संकरी होने के कारण यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी।
अब नई सुरंगों के खुलने से वाहन चालकों को इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
दयोड़ और हणोगी पैच का सफर होगा आसान
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना में पंडोह और औट के बीच का हिस्सा सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है।
विशेष रूप से दयोड़ और हणोगी क्षेत्र में भूस्खलन और जाम की समस्या यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती थी।
नई सुरंगों के शुरू होने के बाद यह कठिन रास्ता कम समय में पूरा किया जा सकेगा।
कुल चार सुरंगों से बदलेगी तस्वीर
फोरलेन परियोजना के इस हिस्से में कुल चार सुरंगें शामिल हैं।
इनकी कुल लंबाई लगभग 3700 मीटर यानी करीब 3.5 किलोमीटर है।
इनमें दयोड़ की दो सुरंगों के अलावा हणोगी क्षेत्र की दो सुरंगें भी शामिल हैं।
इन सुरंगों के शुरू होने से पहाड़ी क्षेत्र में यात्रा ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
मंडी-कुल्लू के बीच घटेगा यात्रा समय
नई सुरंगों के संचालन से मंडी से कुल्लू के बीच यात्रा समय में लगभग 20 मिनट तक की कमी आने की संभावना है।
पर्यटकों के लिए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मनाली जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं।
यात्रा समय कम होने के साथ ईंधन की बचत भी होगी और वाहन चालकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
भूस्खलन के खतरे से भी राहत
पंडोह-औट मार्ग पर बरसात के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रही हैं।
सड़क बंद होने और जाम लगने के कारण यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ता था।
नई सुरंगों के माध्यम से वाहनों को पहाड़ी कटिंग वाले संवेदनशील क्षेत्रों से बचाकर सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
पर्यटकों के लिए भी बड़ी सुविधा
मनाली, कुल्लू और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए यह सुविधा काफी अहम है।
यात्रा आसान होने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन परियोजना के इस हिस्से के पूरा होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
ट्रायल रन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल सुरंगों को ट्रायल रन के लिए खोला जा रहा है। इस दौरान यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य तकनीकी पहलुओं की निगरानी की जाएगी।
सफल ट्रायल के बाद इनका नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना का यह चरण हिमाचल में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।