कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले रितेश शर्मा को उनकी बहादुरी और देश सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। सशस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात रितेश शर्मा को कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है।

रितेश शर्मा कांगड़ा जिले के घलोर गांव के निवासी हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी रितेश शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनके साहस और वीरता ने प्रदेश का मान बढ़ाया है।
आतंकियों के खिलाफ अभियान में दिखाया साहस
रितेश शर्मा ने कश्मीर घाटी में तैनाती के दौरान कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया। आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा और साहस के साथ निभाया। कठिन हालात में देश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए नामित किया गया है। उनकी वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण ने उन्हें यह सम्मान दिलाया है। सुरक्षा बलों में काम करने वाले जवानों के लिए यह पदक उनके अदम्य साहस और सेवा भावना का बड़ा सम्मान माना जाता है।
हिमाचल के लिए गर्व का पल
रितेश शर्मा को मिलने वाला यह सम्मान उनके परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। कांगड़ा जिले के घलोर क्षेत्र में लोगों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रितेश ने अपनी मेहनत और साहस से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।मुख्यमंत्री ने भी उनकी उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि रितेश शर्मा की देशभक्ति और समर्पण युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगा।
राष्ट्रपति पुलिस पदक का महत्व
राष्ट्रपति पुलिस पदक देश में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को उनकी उत्कृष्ट सेवा, बहादुरी और विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान सुरक्षा बलों के कर्मियों के लिए सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक माना जाता है। रितेश शर्मा को यह सम्मान मिलना न केवल उनके व्यक्तिगत साहस का सम्मान है, बल्कि उन सभी जवानों के प्रति सम्मान भी है जो कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी कहानी
रितेश शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो देश सेवा का सपना देखते हैं। उन्होंने दिखाया है कि समर्पण, अनुशासन और साहस के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में योगदान देना आसान नहीं होता। ऐसे में रितेश शर्मा का सम्मान पूरे हिमाचल और देश के लिए गर्व का क्षण है।
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