Himachal Pradesh : मनाली-केलांग राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर धुंधी क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन मार्ग बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिमस्खलन की घटना के बाद प्रशासन ने सभी पर्यटकों और यात्रियों से सतर्क रहने और यात्रा के दौरान पूरी एहतियात बरतने की अपील की है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन या प्रशासन से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह हिमस्खलन की घटना मौसम में आए बदलाव के कारण हुई है, जिसमें पहाड़ों में बढ़ती गर्मी के कारण हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। हिमस्खलन से प्रभावित इलाकों में सड़क मार्गों पर बर्फ जमी हुई है, जिससे यातायात अवरुद्ध हो रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित यात्रा करने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा योजना बनाने की अपील की है।
इसके साथ ही शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर तेज हवाएं (आंधी) चलने का भी अलर्ट जारी किया है। शिमला में भी हल्के बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने 28 मार्च से दो अप्रैल के बीच प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है।
उधर, मनाली-लेह मार्ग पर स्थित बारालाचा और रोहतांग दर्रे समेत ऊंची चोटियों पर बुधवार को हल्का हिमपात हुआ। इस बर्फबारी से यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लाहौल-स्पीति क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अधीन कुल 43 संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इनमें स्पीति उपमंडल में 9 सड़कें, उदयपुर उपमंडल में 14 सड़कें और लाहौल संभाग में 20 सड़कें अवरुद्ध हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है और इन सड़कों को जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।