चंबा अस्पताल में इलाज में देरी का आरोप, मरीज की मौत पर हंगामा

Update: 2026-08-02 07:58 GMT

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले स्थित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में समय पर उपचार नहीं मिलने के आरोपों के बीच एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, चुराह क्षेत्र के रहने वाले 40 वर्षीय व्यक्ति को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि मरीज को समय पर जरूरी उपचार नहीं मिल पाया, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।

परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि मरीज को उपचार की तत्काल जरूरत थी, लेकिन अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मिंजर मेले के कारण यातायात जाम में फंसे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ

बताया जा रहा है कि चंबा में इन दिनों प्रसिद्ध मिंजर मेला चल रहा है। मेले के दौरान शहर में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

घटना के समय एनेस्थीसिया विशेषज्ञ यातायात जाम में फंस गए और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके। आरोप है कि डॉक्टर के पहुंचने में देरी होने के कारण मरीज को समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिल पाया।

हालांकि, इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन घटना की जांच और तथ्यों की पुष्टि करने में जुटा है।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन व्यवस्था को और बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

घटना के बाद मृतक के परिवार और स्थानीय ग्रामीण मेडिकल कॉलेज परिसर में एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी एक डॉक्टर या विशेषज्ञ के पहुंचने में देरी होने से मरीज की जान खतरे में न पड़े।

अस्पताल प्रशासन से जवाब की मांग

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि पूरे मामले की जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि बड़े आयोजनों और मेलों के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से योजना क्यों नहीं बनाई जाती, ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।

उनका कहना है कि मिंजर मेले जैसे बड़े आयोजनों के दौरान प्रशासन को अस्पताल, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की बात कही है। मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उपचार में देरी के लिए कौन जिम्मेदार है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने और बड़े आयोजनों के दौरान चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल, मरीज की मौत के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजन न्याय और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।

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