रोड सेफ्टी फंड के खर्च की होगी जांच, पुलिस महानिदेशक ने ट्रैफिक

Update: 2026-08-02 10:38 GMT
Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने रोड सेफ्टी फंड के उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने ट्रैफिक, टूरिस्ट एंड रेलवे (टीटीआर) विंग को जारी किए गए रोड सेफ्टी फंड के खर्च की विशेष वित्तीय जांच (स्पेशल ऑडिट) कराने के आदेश जारी किए हैं। यह जांच इसलिए कराई जा रही है, क्योंकि फंड के उपयोग और उसके वित्तीय रिकार्ड को लेकर कुछ सवाल सामने आए हैं। जारी आदेश के अनुसार, टीटीआर विंग द्वारा रोड सेफ्टी फंड के तहत किए गए खर्च, कैश बुक के रखरखाव, वित्तीय रिकार्ड, स्वीकृत मदों में ही राशि खर्च किए जाने और हिमाचल प्रदेश रोड सेफ्टी फंड एंड एक्टिविटीज रूल्स-2022 के पालन की विस्तार से जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सरकारी नियमों और वित्तीय निर्देशों का पूरी तरह पालन किया
गया या नहीं।
इस विशेष ऑडिट की जिम्मेदारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) के संयुक्त नियंत्रक अनिल कुमार को सौंपी गई है। उन्हें सभी वित्तीय लेन-देन की जांच कर यह पता लगाना होगा कि फंड का उपयोग नियमों के अनुसार हुआ है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद उन्हें अपनी विस्तृत रिपोर्ट, निष्कर्ष और आवश्यक सिफारिशों के साथ 30 दिनों के भीतर डीजीपी को सौंपनी होगी। ऑडिट प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए तीन अधिकारियों को सहयोग की जिम्मेदारी भी दी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (टीटीआर) रतन सिंह नेगी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो ऑडिट टीम और टीटीआर विंग के बीच समन्वय बनाए रखेंगे। इंस्पेक्टर मदन, जो अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं, और एएसआई जगत राम, जो टीटीआर विंग में मॉडर्नाइजेशन क्लर्क हैं, भी ऑडिट में आवश्यक सहयोग देंगे। इस बारे में डीजीपी अशोक तिवारी प्रतिक्रिया लेने के लिए कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं डीआईजी अंजुम आरा से संपर्क के बाद उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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