Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: टांडा अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों और अस्पताल दोनों के लिए गंभीर समस्या पैदा हो गई है। अस्पताल में केवल दो कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं, जिससे ECHO टेस्ट और अन्य हृदय संबंधित जांचों की संख्या drastically घट गई है। पहले जहां रोजाना लगभग 70 ECHO टेस्ट किए जाते थे, अब यह संख्या केवल 5 तक गिर गई है।
स्थानीय मरीजों ने कहा कि हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति बहुत चिंताजनक और असुविधाजनक है। उन्हें लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है और कई बार टेस्ट और इलाज में देरी हो रही है। विशेषकर बुजुर्ग और गंभीर मरीज अब समय पर जांच और उपचार नहीं करवा पा रहे।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यह कमी स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान करने के लिए नए डॉक्टरों की भर्ती और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। लेकिन फिलहाल मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कार्डियोलॉजी विभाग में पर्याप्त डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ न होने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग तुरंत अतिरिक्त विशेषज्ञ और तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए, ताकि हृदय रोगियों का इलाज समय पर हो सके।
स्थानीय लोग भी अस्पताल प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि ECHO टेस्ट और अन्य हृदय जांचों के लिए अतिरिक्त संसाधन और डॉक्टर तैनात किए जाएं। उनका कहना है कि टांडा और आसपास के इलाके के हजारों लोग इस समस्या से प्रभावित हैं और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।
संक्षेप में, टांडा अस्पताल में केवल दो कार्डियोलॉजिस्ट होने के कारण रोजाना होने वाले ECHO टेस्ट की संख्या 70 से घटकर केवल 5 रह गई है। इससे हृदय रोगियों को गंभीर असुविधा और लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल मरीजों और स्थानीय लोगों की चिंताएं बनी हुई हैं।