Pathankot-Jogindernagar रेल मार्ग पर सेवा बहाली के लिए समिति ने ली कानूनी पहल

Update: 2026-05-03 10:27 GMT
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल मार्ग पर रेलवे सेवा बहाल करने की मांग को लेकर एक समिति ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। समिति का कहना है कि यह रेल मार्ग स्थानीय यात्रियों और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसका बंद रहना क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का कारण बन रहा है।
समिति के संयोजक ने कहा कि पठानकोट-जोगिंदरनगर ट्रैक हिमाचल प्रदेश के कई ग्रामीण और शहर क्षेत्रों को जोड़ता है। इस मार्ग के बंद रहने से लोगों को अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे समय और लागत दोनों की हानि हो रही है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि रेलवे विभाग इस मार्ग पर सेवा बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाए। इसके लिए हमने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हमारा उद्देश्य जनता को उचित और सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करना है।”
समिति के सदस्यों का कहना है कि रेल मार्ग का महत्व केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है। इस मार्ग के बंद रहने से क्षेत्र के व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और पर्यटकों ने भी रेलवे सेवा की बहाली की मांग की है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में समिति ने रेलवे विभाग से पूछताछ करने और सेवा बहाली की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह मार्ग क्षेत्रीय विकास और लोगों की रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि पठानकोट-जोगिंदरनगर मार्ग पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण तकनीकी और सुरक्षा कारणों से बंद हो सकता है, लेकिन उचित निवेश और रखरखाव के माध्यम से इसे पुनः चालू किया जा सकता है।
समिति ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और रेलवे विभाग को मार्ग बहाली के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और न्यायालय के माध्यम से इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।
यात्रियों ने कहा कि जब यह मार्ग बहाल होगा, तो यात्रा आसान, तेज़ और सुरक्षित हो जाएगी। कई लोग प्रतिदिन इस मार्ग पर यात्रा करते हैं और उनके लिए यह सेवा जीवनसंगिनी जैसी सुविधा प्रदान करती है।
उल्लेखनीय है कि पठानकोट-जोगिंदरनगर ट्रैक पर पिछले कुछ समय से रेल सेवाएँ बंद हैं। समिति का कहना है कि यह केवल स्थानीय लोगों का ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और पर्यटन को भी प्रभावित कर रहा है।
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