HPU में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ ABVP का प्रदर्शन

Update: 2026-08-08 01:26 GMT

Shimla , शिमला। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) में हाल ही में बढ़ाई गई फीस के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने प्रदर्शन किया। संगठन ने फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों पर अनुचित आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। ABVP कार्यकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय में फीस में करीब 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी छात्रों के हित में नहीं है। परिषद ने मांग की कि बढ़ी हुई फीस को तत्काल वापस लिया जाए और छात्रों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जाए।

हिमाचल प्रदेश ABVP के अध्यक्ष कुणाल गंगटा ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय के कुलपति पर निशाना साधते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण शैक्षणिक संस्थानों के संचालन की लागत बढ़ सकती है, लेकिन इसका पूरा भार छात्रों पर डालना उचित नहीं है। कुणाल गंगटा ने कहा कि फीस में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी छात्रों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा करती है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से फैसले पर पुनर्विचार करने और फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की।

ABVP ने दावा किया कि उसके कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। संगठन ने कहा कि लगातार विरोध के बावजूद यदि उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।ABVP अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई तो भूख हड़ताल जारी रहेगी और संगठन आगे बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन पीछे नहीं हटेगा।

प्रदर्शन के दौरान ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार से छात्रों की समस्याओं पर तत्काल बातचीत करने की मांग की। संगठन का कहना है कि उच्च शिक्षा पहले से ही कई छात्रों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती है। ऐसे में फीस में अचानक बड़ी वृद्धि से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।


ABVP ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय की वित्तीय जरूरतों और संस्थान के संचालन से जुड़े खर्चों को समझा जा सकता है, लेकिन फीस वृद्धि का निर्णय छात्रों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। संगठन ने मांग की कि फीस निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जाए और विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की जाए। HPU में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद अब आंदोलन का रूप ले चुका है। ABVP ने साफ किया है कि जब तक फीस बढ़ोतरी को वापस लेने को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा।

आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर छात्रों और छात्र संगठनों की नजर रहेगी। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो ABVP आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी में है। वहीं, छात्रों की फीस और उच्च शिक्षा की लागत से जुड़ा यह मुद्दा हिमाचल प्रदेश में छात्र राजनीति के बीच भी महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

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