अहमदाबाद: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस तथा विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनाव जनता के समर्थन से जीते जाते हैं, विरोध प्रदर्शनों और रैलियों से नहीं। मंगलवार, 27 अक्टूबर को अहमदाबाद में भाजपा की पदयात्रा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2029 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनेगी। नड्डा ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्तियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया।
भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी शामिल हुए। नड्डा ने अपने संबोधन में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव परिणाम अपने पक्ष में नहीं आने पर संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी स्थिति का आकलन करना चाहिए और जनता के बीच समर्थन बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
2029 में फिर सरकार बनाने का दावा
नड्डा ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और सहयोगी दलों की जीत का विश्वास जताया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगले आम चुनाव में भी मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। यह उनका राजनीतिक दावा है। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की व्यापकता का उल्लेख किया और कहा कि देश की जनता अपनी सरकार चुनती है। उन्होंने भारत की तुलना दूसरे देशों की राजनीतिक परिस्थितियों से किए जाने पर भी आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां लोगों की आवाज का महत्व है। उन्होंने बांग्लादेश तथा अल्बानिया जैसे हालात की संभावना खारिज करने वाला बयान भी दिया। उनके भाषण का प्रमुख संदेश यह रहा कि सत्ता तक पहुंचने का रास्ता मतदाताओं का भरोसा जीतने से होकर जाता है। विरोध प्रदर्शनों पर उनकी टिप्पणी कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के हालिया राजनीतिक अभियानों की आलोचना के संदर्भ में सामने आई।
एसआईआर प्रक्रिया का किया बचाव
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में बूथ स्तर पर व्यापक काम हुआ और अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाई। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, नड्डा ने दस लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों के काम करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सूची की जांच बिना तैयारी या जमीनी सत्यापन के नहीं की गई। मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोप पर उन्होंने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं का जिक्र किया। उनके मुताबिक, ऐसे रिकॉर्ड की जांच और सुधार को पात्र मतदाताओं के अधिकार छीनने के रूप में पेश किया जा रहा है। ये आंकड़े और स्पष्टीकरण नड्डा के संबोधन का हिस्सा हैं। इन्हें इस खबर में चुनाव आयोग की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष या प्रत्येक मामले की पुष्टि के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर आरोप
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जीत मिलने पर उसे जनता का समर्थन बताती है, जबकि हार होने पर चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन पर लोगों का विश्वास बना रहना चाहिए। उनके अनुसार, संस्थाओं के खिलाफ लगातार आरोप लगाने से जनता में अविश्वास पैदा होता है। उन्होंने कांग्रेस से अपनी चुनावी रणनीति और प्रदर्शन पर विचार करने को कहा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के गिर क्षेत्र में एक मतदाता के लिए मतदान केंद्र बनाए जाने का उदाहरण भी दिया। इस प्रसंग के माध्यम से नड्डा ने चुनाव व्यवस्था की पहुंच और प्रत्येक मतदाता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी व्यवस्था की अपनी प्रतिष्ठा है। उनके भाषण में चुनाव आयोग का बचाव और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति की आलोचना लगातार जुड़े हुए विषय रहे।
आपातकाल और संस्थाओं का भी किया उल्लेख
कांग्रेस के लोकतंत्र संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए नड्डा ने आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने उस दौर में लोगों की गिरफ्तारी और नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगी पाबंदियों का हवाला देकर कांग्रेस को घेरा। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने निर्वाचित राज्य सरकारों की बर्खास्तगी और विभिन्न संस्थाओं के साथ कांग्रेस सरकारों के व्यवहार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र की बात करने वाली कांग्रेस को अपने शासनकाल के फैसलों पर भी विचार करना चाहिए। नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता से जुड़ी कथित टिप्पणी की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक संवाद में मर्यादा का उल्लंघन कर रही है और कहा कि भाजपा इसका जवाब चुनावी जीत से देगी। कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को विपक्ष के आरोपों का जवाब देने तथा जनता तक अपना पक्ष पहुंचाने का संदेश दिया। अहमदाबाद का कार्यक्रम भाजपा के उस अभियान का हिस्सा था, जिसमें पार्टी चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विपक्ष की आलोचना का राजनीतिक जवाब दे रही है। नड्डा के संबोधन में लगाए गए आरोप भाजपा का पक्ष हैं। उद्धृत रिपोर्टों में उनके इन बयानों पर कांग्रेस या राहुल गांधी की तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मतदाता सूची और संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों के बीच दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक तर्क जनता के सामने रख रहे हैं।
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