अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में जहरीली गैस जमा होने के कारण बड़ा हादसा हो गया। शहर के सोला इलाके में स्थित अहमदाबाद नगर निगम के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में वेल्डिंग और रखरखाव का काम चल रहा था। इसी दौरान एक कर्मचारी कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया और प्लांट के भीतर गिर पड़ा। उसे बचाने के प्रयास में तीन अन्य लोग भी हादसे का शिकार हो गए। घटना में दो लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई गई। वहीं, दो अन्य लोगों की तलाश के लिए दमकल विभाग की टीमें अभियान चलाती रहीं।
वेल्डिंग के दौरान जमा हुई जहरीली गैस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोला स्थित एसटीपी में निजी एजेंसी एचएनबी एजेंसी के कर्मचारी रखरखाव और वेल्डिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान प्लांट के अंदर अचानक जहरीली गैस जमा होने की आशंका जताई गई।बताया गया कि वेल्डिंग का काम कर रहा कर्मचारी गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गया और गहरे प्लांट के भीतर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए साइट इंचार्ज, प्रोजेक्ट मैनेजर और वाहन चालक ने भी प्रयास किया, लेकिन वे भी दुर्घटना की चपेट में आ गए।इस तरह हादसे में कुल चार लोग प्रभावित हुए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और दमकल विभाग को सूचना दी गई।
दमकल विभाग ने चलाया बचाव अभियान
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया।काफी मशक्कत के बाद बचावकर्मियों ने दो लोगों को बाहर निकाला। दोनों बेहोश थे और उनकी हालत गंभीर बताई गई। उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से सोला सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।प्लांट के भीतर गहराई में फंसे अन्य दो लोगों की तलाश के लिए दमकलकर्मियों ने अभियान जारी रखा। जहरीली गैस की आशंका के कारण बचाव दल ऑक्सीजन मास्क और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा था।
हादसे में प्रभावित लोगों की पहचान
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, घटना से जुड़े चार लोगों की पहचान मनोज, अभिषेक, रूपेश और निलेश के रूप में बताई गई है। मनोज साइट इंचार्ज, अभिषेक वेल्डिंग कर्मचारी, रूपेश प्रोजेक्ट मैनेजर और निलेश वाहन चालक बताए गए हैं।रिपोर्ट प्रकाशित होने तक दो लोगों की हालत गंभीर थी, जबकि बाकी दो के बारे में बचाव अभियान के दौरान स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। घटना के कारणों और सभी प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और भूमिगत टैंकों में काम करते समय जहरीली गैस तथा ऑक्सीजन की कमी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे स्थानों पर प्रवेश से पहले गैस की जांच, पर्याप्त वेंटिलेशन, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित बचावकर्मियों की उपलब्धता जरूरी होती है।सोला प्लांट में हुए हादसे के बाद यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। हालांकि, फिलहाल लापरवाही के किसी विशिष्ट आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद स्पष्ट होंगे हादसे के कारण
फिलहाल प्राथमिकता प्लांट के भीतर फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित कर्मचारियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की है। संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गैस किस कारण जमा हुई और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों में रखरखाव के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर किया है।
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