नहर से तालाबों में जलभराव शुरू, गर्मी में निस्तारी समस्या से मिलेगी राहत
छग
Balodabazar. बलौदाबाजार। जिले में गर्मी के मौसम में पानी की कमी से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत देने के लिए प्रशासन ने नहर के माध्यम से तालाबों में जलभराव का कार्य शुरू कर दिया है। महानदी जलाशय परियोजना के तहत नहरों से पानी लाकर तालाबों को भरा जा रहा है, जिससे गांवों में निस्तारी की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर जल संसाधन विभाग की टीम लगातार इस कार्य की निगरानी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के विभिन्न विकासखंडों में यह अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है, ताकि गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
जानकारी के मुताबिक, विकासखंड बलौदाबाजार, पलारी, सिमगा और भाटापारा के कुल 214 गांवों के 379 तालाबों को भरने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 21 तालाबों में जलभराव का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि 132 तालाबों में पानी भरने का काम जारी है। शेष तालाबों में भी जल्द ही पानी पहुंचाने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि तालाबों में पानी भरने से न केवल निस्तारी की समस्या दूर होगी, बल्कि पशुओं और किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों का उपयोग दैनिक जरूरतों के साथ-साथ पशुपालन और सिंचाई के लिए भी किया जाता है।
इसके अलावा, तालाबों में जलभराव से आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इससे वाटर रिचार्ज में मदद मिलेगी और लंबे समय में जल संकट की समस्या को कम किया जा सकेगा। गर्मी के मौसम में अक्सर तालाब सूख जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। ऐसे में इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि समय पर सभी तालाब भर दिए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि कार्य को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जहां-जहां जरूरत है, वहां अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा रहे हैं ताकि जलभराव का कार्य प्रभावित न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में शेष तालाबों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।