मतदाता सूची घोटाला: दो पर फर्जी नाम जुड़वाने का आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR

छग

Update: 2025-10-30 14:58 GMT
Kawardha. कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दो लोगों पर गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने जिले के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ बताते हुए गंभीर साजिश करार दिया है। मामले की जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता भाजपा नेता रवि राजपूत और जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान कवर्धा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सैकड़ों बाहरी लोगों के नाम फर्जी तरीके से जोड़े गए थे। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से किया गया है।

राजपूत और चंद्रवंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए बताया कि तैय्यब खान और रमिज कुट्टी नाम के दो व्यक्तियों ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर कवर्धा क्षेत्र में अपने नाम दर्ज करवाए। हैरानी की बात यह है कि दोनों पहले से ही रायपुर की मतदाता सूची में पंजीकृत हैं। यानी उन्होंने एक ही समय में दो विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता के रूप में नाम जुड़वाया, जो चुनाव नियमों का गंभीर उल्लंघन है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह केवल दो व्यक्तियों का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जिसके तहत मतदाता सूची में सैकड़ों फर्जी नाम जोड़े गए हैं ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्री और कवर्धा से पूर्व विधायक मोहम्मद अकबर के करीबी लोगों की मिलीभगत से किया गया।

इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि लोहारा क्षेत्र में रवि राजपूत की शिकायत पर रमिज कुट्टी और तैय्यब खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 199, 200, 419, 468 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। बघेल ने बताया कि दोनों ने गलत जानकारी देकर दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम जुड़वाए थे। एएसपी ने कहा कि जांच में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि क्या अन्य लोगों ने भी इसी तरह से नाम दर्ज कराए हैं। पुलिस अब मतदाता सूची में संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच करने के लिए निर्वाचन कार्यालय से भी जानकारी जुटा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सबूत सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो पार्टी चुनाव आयोग और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार है, और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। राजनीतिक गलियारों में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा इसे कांग्रेस की “मतदाता हेराफेरी नीति” करार दे रही है, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को हवा दे रही है। कवर्धा जिले में प्रशासन ने अब निर्वाचन शाखा को निर्देश दिया है कि पूरे विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाए और संदिग्ध नामों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर इस मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।
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