Korba. कोरबा। कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र डीडासरई-देवपहरी के जंगल से लगे इलाके में भालू के हमले की घटना सामने आई है। जंगल से निकलकर आए एक भालू ने खेत में काम कर रही दो महिलाओं पर अचानक हमला कर दिया। हमले में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अब जंगल और खेतों की ओर जाने से पहले विशेष सावधानी बरत रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को डीडासरई-देवपहरी क्षेत्र की रहने वाली मूल्यारो बाई, उम्र 50 वर्ष और समारी बाई अपने गांव से लगे खेतों में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक जंगल की ओर से एक भालू निकलकर आया। महिलाएं कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही भालू ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से दोनों महिलाएं घबरा गईं और अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगीं।
भालू के हमले में दोनों महिलाओं के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आई हैं। हमले के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल महिलाओं को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने दोनों घायल महिलाओं का उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाओं की हालत अब खतरे से बाहर है। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन भी अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भालू के हमले वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने आसपास के इलाके की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। वन विभाग की टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भालू जंगल के किस हिस्से से निकलकर खेतों तक पहुंचा और घटना के बाद वह किस दिशा में गया। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वन्यप्राणी की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। जंगल से लगे गांवों में पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही देखने को मिलती रही है। ऐसे क्षेत्रों में ग्रामीणों का खेतों और जंगल पर निर्भर रहना मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर सकता है। खासकर बारिश के मौसम में जंगल और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। भालू के हमले की खबर फैलने के बाद डीडासरई-देवपहरी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से लगे खेतों में रोजाना कृषि कार्य के लिए जाना उनकी मजबूरी है। ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर उन्हें हमेशा खतरा बना रहता है। घटना के बाद कई ग्रामीण अकेले खेतों या जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं।
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