गणेश शंकर मिश्रा की राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष नियुक्ति पर ग्रामीणों ने मिठाई बांटी
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Raipur/Mura. रायपुर/मुरा। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर गणेश शंकर मिश्रा की नियुक्ति और इस पद को कैबिनेट मंत्री के दर्जे से सम्मानित किए जाने की खबर मिलते ही उनके गृह ग्राम मुरा में खुशी का माहौल छा गया। गांव के लोगों ने इस अवसर को पूरे क्षेत्र का गौरव बताते हुए मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। गांव के चौक-चौराहों पर लोग एकत्र हुए और मिश्रा की प्रशासनिक उपलब्धियों को याद करते हुए उनकी सफलता पर गर्व महसूस किया। बुजुर्गों ने कहा कि मिश्रा हमेशा अपने मूल गांव से जुड़े रहे हैं, इसलिए यह उपलब्धि हर परिवार के लिए खुशी का कारण बन गई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह उनके लिए सम्मान का क्षण है क्योंकि उनके गांव से निकले व्यक्ति को राज्य स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
स्थानीय युवाओं ने मिश्रा की नियुक्ति को प्रेरणादायक बताया और कहा कि सार्वजनिक सेवा और मेहनत से कोई भी व्यक्ति ऊँचाई प्राप्त कर सकता है। उनका मानना है कि यह उदाहरण युवाओं के लिए मार्गदर्शक होगा और उन्हें समाज सेवा और प्रशासनिक क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ यह जिम्मेदारी मिलने से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार मिश्रा के अनुभव और नेतृत्व पर भरोसा करती है। ग्रामीणों की प्रतिक्रिया में यह भी शामिल था कि उनका योगदान प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दिनभर मुरा में उत्सव का माहौल रहा। लोग अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ एकत्र होकर मिश्रा की सफलता का जश्न मनाते रहे।
मिठाई वितरण, बधाई संदेश और ग्रामीणों की चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि मिश्रा की नियुक्ति केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। मिश्रा ने भी इस मौके पर कहा कि उनका लक्ष्य राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में प्रदेश के विकास और समाज कल्याण के लिए अपने अनुभव का भरपूर उपयोग करना है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी नई जिम्मेदारी में मिश्रा प्रदेश के प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस अवसर पर मुरा गांव में न केवल खुशी का माहौल रहा, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक प्रेरणा का संदेश भी फैल गया। मिश्रा की नियुक्ति ने यह साबित किया कि मेहनत, प्रतिबद्धता और सेवा की भावना किसी भी व्यक्ति को समाज और राज्य में उच्च सम्मान दिला सकती है।