Bilaspur. बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल ने नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत निगौरा रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की है। आरपीएफ की टास्क टीम ने साधु की वेशभूषा में गांजा लेकर घूम रहे दो लोगों को पकड़ लिया। दोनों के पास मौजूद कपड़ों की पोटलियों से कुल 15 किलो 540 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 7 लाख 77 हजार रुपये बताई गई है। जानकारी के अनुसार आरपीएफ की टास्क टीम बीती रात करीब 1:15 बजे निगौरा रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में जांच अभियान चला रही थी। टीम द्वारा स्टेशन परिसर में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और उनके सामान पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान साधु के भेष में घूम रहे दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। आरपीएफ कर्मचारियों ने दोनों को रोककर उनके नाम, पते और यात्रा से संबंधित जानकारी मांगी। पूछताछ के दौरान दोनों अपने पास रखे सामान के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। संदेह बढ़ने पर आरपीएफ टीम ने उनके पास मौजूद कपड़ों की पोटलियों और अन्य सामान की नियमानुसार तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पोटलियों के भीतर गांजा मिला। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले हंसा नाथ, उम्र 40 वर्ष और मनता नाथ उर्फ लंबू, उम्र 39 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों ने साधु जैसी वेशभूषा धारण कर रखी थी। माना जा रहा है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए उन्होंने इस तरह का भेष बनाया था। हालांकि, उनकी यात्रा और गांजे के स्रोत से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगी। आरपीएफ के अनुसार हंसा नाथ के कब्जे से 7 किलो 280 ग्राम गांजा बरामद किया गया। वहीं मनता नाथ उर्फ लंबू की पोटली से 8 किलो 260 ग्राम गांजा मिला। इस तरह दोनों आरोपियों के पास से कुल 15 किलो 540 ग्राम गांजा जब्त किया गया। बरामद मादक पदार्थ की कीमत लगभग 7 लाख 77 हजार रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक कार्रवाई और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरपीएफ ने दोनों आरोपियों तथा जब्त गांजे को जैतहरी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। जैतहरी पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी गांजा कहां से लेकर आए थे और उसे किस शहर या व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। दोनों ने रेलमार्ग से यात्रा करने की योजना बनाई थी या किसी अन्य वाहन का इंतजार कर रहे थे, इसकी भी जांच की जा रही है। आरोपियों के संपर्कों और संभावित तस्करी नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत रेलवे परिसरों और ट्रेनों के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग क्षेत्र और ट्रेनों में संदिग्ध लोगों एवं सामान की जांच की जाती है। निगौरा स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई भी इसी विशेष अभियान का हिस्सा है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बिलासपुर रेल मंडल की आरपीएफ ने पिछले आठ महीनों में अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान करीब 550 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इसकी कुल अनुमानित कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इन मामलों में पकड़े गए आरोपियों को संबंधित स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों को सौंपा गया है।