फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक से लाखों का लोन ठगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

छग

Update: 2025-12-11 14:34 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे की जमीन को अपना बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से लाखों रुपए का लोन निकालने में शामिल थे। थाना तेलीबांधा क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद 02 आरोपियों—मनोज सोनी और स्वप्न गुच्छेत—को पकड़ा है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब क्षेत्रीय प्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में बताया गया कि कुछ लोगों ने साजिशन एक ऐसी जमीन के फर्जी क्रय-विक्रय दस्तावेज तैयार किए जो वास्तव में उनकी नहीं थी। इन फर्जी दस्तावेजों को बैंक में जमा कर आरोपी निखिल रघुवंशी, माधव जाना और स्वप्न गुच्छेत ने मिलकर लाखों रुपये का लोन ले लिया। बैंक द्वारा जब इन तीनों ऋणियों ने लोन की किश्तें जमा करना बंद कर दिया, तब पूरे प्रकरण की आंतरिक जांच कराई गई। बैंक की जांच समिति ने पाया कि ऋणियों द्वारा प्रस्तुत किए गए जमीन के कागजात पूरी तरह फर्जी हैं, और जिस आबादी भूमि का उल्लेख इन दस्तावेजों में किया गया है, वह वास्तविक मालिकाना हक से मेल नहीं खाती। इसके बाद बैंक ने थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 410/24 धारा 420, 120बी भादवि के तहत एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ शुरू की। इसमें सामने आया कि टिकरापारा क्षेत्र के पटवारी हल्का नं. 114, खसरा नंबर 102, रकबा 2650 वर्गफुट की आबादी भूमि को आरोपी मनोज सोनी ने यह कहते हुए अपने कब्जे में दिखाया कि उसने इसे वर्ष 2005 के आसपास विष्णु शेंडे नाम के व्यक्ति से खरीदा था और उसका नामांतरण भी करा लिया था। बाद में इस भूमि को टुकड़ों में बांटकर निखिल रघुवंशी, स्वप्न गुच्छेत और माधव जाना को क्रमशः 650, 450 और 450 वर्गफुट भूमि बेची गई दिखाया गया। आरोपियों ने इन कथित क्रय-विक्रय दस्तावेजों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से फर्जी तरीके से लोन प्राप्त किया। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार निखिल रघुवंशी ने 13.50 लाख रुपये, माधव जाना ने 13.50 लाख रुपये और स्वप्न गुच्छेत ने 8 लाख रुपये का लोन प्राप्त किया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी मनोज सोनी और स्वप्न गुच्छेत ने इस पूरे षडयंत्र में शामिल होने की बात स्वीकार की।

जांच टीम ने तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल कर इन दोनों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—
मनोज सोनी, पिता स्व. रमेश कुमार सोनी, उम्र 55 वर्ष, निवासी मोती नगर, शारदा पंप के पास, गोंडवानी नगर, थाना टिकरापारा, रायपुर।
स्वप्न कुमार गुच्छेत, पिता सुदर्शन गुच्छेत, उम्र 48 वर्ष, निवासी परसुराम नगर, गुप्ता किराना दुकान के पास, थाना पुरानी बस्ती, रायपुर।

तेलीबांधा पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की तह तक जाने के लिए जांच जारी है। इस आर्थिक अपराध में शामिल दो अन्य आरोपी—निखिल रघुवंशी और माधव जाना—फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी खोजबीन में लगातार दबिश दे रही है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े न सिर्फ बैंकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि समाज में वित्तीय अपराधों के प्रति भय का माहौल भी बनाते हैं। उसी को देखते हुए ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लोन या जमीन-जायदाद के दस्तावेज तैयार करते समय कानूनी सत्यापन अवश्य करवाएं।
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