Durg. दुर्ग। साइबर ठगी से हासिल रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ दुर्ग पुलिस की कार्रवाई जारी है। सुपेला थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ऐसे ही एक मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन या प्रतिफल के बदले बैंक खाते से जुड़ी पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सुपेला थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 718/2026 की जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। मामले में बीएनएस की धारा 317(2), 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
बैंक ट्रांजेक्शन से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान उन बैंक खातों का विश्लेषण किया गया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने और फिर दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों में हुए लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने कमीशन के लालच में बैंक खातों से संबंधित सामग्री अन्य लोगों को उपलब्ध कराई थी। इनमें पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम कार्ड शामिल थे। पुलिस का कहना है कि इन्हीं बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया गया।
2 हजार से 15 हजार रुपये तक मिलता था कमीशन
पुलिस की जांच में सामने आया कि बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले आरोपियों को करीब 2 हजार से 15 हजार रुपये तक का कमीशन या प्रतिफल दिया जाता था। ऐसे खातों को साइबर अपराध की भाषा में म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इनका इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाने के लिए किया जाता है, जिससे रकम के वास्तविक स्रोत और उसके आगे के लेन-देन को छिपाया जा सके। इस प्रकरण में सामने आए बैंक खाते पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक की तिल्दा स्थित शाखाओं से संबंधित बताए गए हैं।
दो फरार आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। सुपेला थाना और एसीसीयू की टीम लगातार उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने 6 सितंबर को दोनों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में यशपाल सिंह उर्फ लक्की पाजी उम्र 38 वर्ष, निवासी रामनगर नवनीत डेयरी के पीछे वैशाली नगर और हेमत दास दखानी उम्र 50 वर्ष, निवासी सिंधी कॉलोनी पानी टंकी के पास तिल्दा शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और मामले से संबंधित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
बैंक खाता किसी को न देने की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस ने चेताया है कि साइबर अपराधी ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में कर सकते हैं। इससे बैंक खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। यदि किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते या दस्तावेजों के दुरुपयोग की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी थाने या साइबर पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है।