धान खरीदी में पारदर्शिता और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी
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Raigarh. रायगढ़। जिले में शासन की प्राथमिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनहित से जुड़े कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला कलेक्टोरेट में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने की। इस दौरान उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों, योजनाओं की प्रगति और मैदानी स्तर पर हो रहे कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समन्वय, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सबसे पहले जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में अब तक की गई कुल धान खरीदी, धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या, शेष किसानों की स्थिति, टोकन व्यवस्था, धान उठाव, बारदाना की उपलब्धता, मानव संसाधन तथा रकबा और टोकन सत्यापन की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले।
उन्होंने सभी एसडीएम और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र स्तर पर नियमित निरीक्षण कर सतत निगरानी रखें। रकबा और टोकन सत्यापन को गंभीरता से करते हुए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही धान उठाव की गति बनाए रखने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और उपार्जन केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले में संचालित जल संरक्षण कार्यों को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सभी जनपद पंचायत सीईओ को गंभीरता से कार्य करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी पांच महीनों में जल संरक्षण कार्यों में ठोस और दिखाई देने वाली प्रगति होनी चाहिए। इसके लिए अन्य जिलों में किए जा रहे सफल नवाचारों का अध्ययन कर जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त मॉडल अपनाने पर जोर दिया गया, ताकि भू-जल स्तर में सुधार लाया जा सके।
बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन और विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले के लिए की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जिले की पहचान को नया आयाम मिलेगा।
निर्माण विभागों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियमों के अनुरूप पूर्ण करने, नियमित निरीक्षण, समय-समय पर परीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले की कार्यप्रणाली पर सतत नजर रखने और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने को कहा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने रेडी-टू-ईट इकाइयों की स्थिति की जानकारी ली। जिन इकाइयों का शुभारंभ हो चुका है, वहां उत्पादन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और महिलाओं को समय पर पोषण आहार उपलब्ध हो सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सीजीएमएससी द्वारा निर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट सहित अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खाद्य एवं औषधि विभाग को नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए नियमित और प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान के तहत निष्क्रिय खातों, लंबित दावों और स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए विकासखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा। बैठक में मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अधिकाधिक हितग्राहियों को मत्स्य पालन और स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित सभी अनुविभागों के एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।