Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम कोरगुड़ा थाना क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद हुई निर्मम हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में आरोपी ने हंसिए से वार कर पीड़ित का सिर धड़ से अलग कर दिया था।
घटना का विवरण
मामला ग्राम कोरगुड़ा का है, जहां अभियुक्त टिकेश तुमरेकी (आयु 22 वर्ष) का भगुवा राम देवांगन से किसी मामूली विवाद को लेकर झगड़ा हो गया। विवाद बढ़ने पर टिकेश ने आवेश में आकर हंसिए से हमला कर दिया। हमले में पीड़ित का सिर धड़ से अलग हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और प्रथम सूचना रिपोर्ट अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की।
पुलिस जांच और कबूलनामा
जांच के दौरान गांववालों ने शक जाहिर किया कि टिकेश इस घटना में शामिल हो सकता है। आरोपी काफी समय तक फरार रहा। लेकिन गांव वापस लौटने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान टिकेश ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हंसिया जब्त किया गया।
न्यायालय में सुनवाई
यह मामला बालोद सत्र न्यायालय में विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कठोर दंड मिलना आवश्यक है। अदालत ने आरोपी टिकेश तुमरेकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
लोक अभियोजन की भूमिका
इस प्रकरण की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद श्रीवास्तव ने की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में स्पष्ट किया कि यह हत्या एक निर्दयी कृत्य था और इसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि, “न्यायालयों का यह कर्तव्य है कि वे अपराध के अनुरूप ही दंड निर्धारित करें, ताकि समाज में कानून के प्रति आस्था बनी रहे। ऐसे अपराधों पर कठोर दंड देकर ही अपराध के प्रति सार्वजनिक घृणा को परिलक्षित किया जा सकता है।”