छत्तीसगढ़
CG: जमीन और संपत्ति हड़पने के लिए बुजुर्ग की निर्मम हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
19 Sept 2025 8:09 PM IST

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Dantewada. दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जमीन विवाद और संपत्ति हड़पने की लालच में दो युवकों ने एक 62 वर्षीय बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने खून से सने कपड़े और धारदार हथियार को जंगल में छिपा दिया और शव को घर के पास ही फेंक दिया, ताकि यह नक्सली वारदात लगे। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला कुछ ही घंटों में सुलझ गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना कैसे हुई?
पूरा मामला दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के नीलावाया गांव का है। 16 सितंबर 2025 को गांव के ही दो युवक सुनील नेताम (30) और महेश कोर्राम (25) बुजुर्ग बंडी कोर्राम (62) को अपने साथ ले गए। देर शाम उन्होंने धारदार हथियार से उसके गले पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने कपड़े और हथियार को जंगल में छिपा दिया। वहीं, शव को गांव में घर के पास ही फेंक दिया ताकि यह लगे कि नक्सलियों ने वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने ऐसे खोला राज
वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने पहले इसे नक्सली हत्या समझा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या की शैली नक्सली वारदात से मेल नहीं खा रही है। पुलिस ने गुप्त रूप से जांच शुरू की और संदेह के आधार पर सुनील नेताम को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली और अपने साथी महेश कोर्राम का नाम भी बता दिया। इसके बाद पुलिस ने महेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
लालच बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, तीन साल पहले बंडी कोर्राम के बेटे की हत्या हो गई थी। बेटे की मौत के बाद उसकी जमीन और संपत्ति का कोई वारिस नहीं बचा था। इसी लालच में सुनील और महेश ने बंडी कोर्राम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उन्होंने सोचा कि बंडी की हत्या के बाद वे उसकी जमीन-जायदाद पर कब्जा कर लेंगे। इसके लिए उन्होंने पहले उसे बहाने से घर से बाहर बुलाया और फिर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
ASP ने दी जानकारी
दंतेवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आरके बर्मन ने बताया कि शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि यह हत्या नक्सलियों ने की है। लेकिन पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद स्पष्ट कर दिया कि यह नक्सली वारदात नहीं है। हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार और तरीका आपसी रंजिश की ओर इशारा कर रहा था। ASP ने कहा कि पुलिस ने कुछ ही घंटों में हत्या की गुत्थी सुलझा ली और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश
गांव में हुए इस हत्याकांड से ग्रामीणों में दहशत है। लोगों का कहना है कि एक बुजुर्ग को सिर्फ संपत्ति के लालच में मौत के घाट उतार देना बेहद शर्मनाक है। ग्रामीणों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की, जिसने मामले का खुलासा कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हत्या से भ्रम
दंतेवाड़ा नक्सल प्रभावित इलाका है। यहां अक्सर नक्सली वारदातें होती रहती हैं। ऐसे में जब गांव में बुजुर्ग का शव बरामद हुआ तो लोगों को लगा कि यह नक्सली घटना है। लेकिन जांच में सामने आया कि यह नक्सली नहीं बल्कि व्यक्तिगत रंजिश और लालच की वजह से की गई हत्या थी।
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