Gariaband. गरियाबंद। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व और गरियाबंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सागौन तस्करी और वन्यजीव शिकार से जुड़े मामलों का बड़ा खुलासा हुआ है। ओडिशा सीमा से लगे दक्षिण उदंती क्षेत्र के साहेबिनकछार गांव में छापेमारी कर भारी मात्रा में राष्ट्रीयकृत सागौन लकड़ी और फर्नीचर बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 5 जून को सूचना के आधार पर की गई थी। उपनिदेशक वरुण जैन के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट के तहत गांव में कई संदिग्ध घरों पर दबिश दी। इस दौरान आरोपियों द्वारा सागौन लकड़ी को छिपाने के लिए गड्ढे खोदकर और घर के पीछे पानी से भरे तालाब जैसे स्थानों में लकड़ी दबाने की कोशिश की गई थी।

छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 193 नग सागौन स्लीपर, 2.4523 घन मीटर सागौन लकड़ी और बाद में की गई कार्रवाई में 2.114 घन मीटर अतिरिक्त लकड़ी बरामद की। इस तरह कुल 4.56 घन मीटर वनोपज जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है। वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने सागौन चिरान और अन्य सामग्री तालाब और बाड़ियों में छिपाई थी। खोज अभियान में स्निफर डॉग “टीना” की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसने छिपाई गई लकड़ी का पता लगाया।

इसके अलावा चार आरोपियों से अवैध सागौन लकड़ी और तीन आरोपियों से वन्यजीव शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। इनमें जाल, पोटाश बम और अन्य सामग्री शामिल है। साथ ही एक पेट्रोल चालित आरा मशीन और तीन बड़े हाथ आरे भी जब्त किए गए हैं। वन विभाग ने बताया कि मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों की पहचान और नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि तस्करी के पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके। इससे पहले भी क्षेत्र में उदंती नदी का उपयोग कर सागौन तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं, जहां तस्कर नदी मार्ग से लकड़ी की आवाजाही करते पकड़े जा चुके हैं। इस संयुक्त कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस, टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी और सुरक्षा दल के साथ स्निफर डॉग “टीना” की अहम भूमिका रही।
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