Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सरकार और प्रशासन की आलोचना करने वाली जांजगीर-चांपा जिले की एक शिक्षिका के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। निर्मला कोमल लहरे, व्याख्याता (एलबी), शासकीय हाईस्कूल तुलसी, विकासखंड नवागढ़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिका का वीडियो 31 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा के 2 सितंबर 2026 के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग के अनुसार, व्ही.एस.के. ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति लागू होने के बाद शिक्षिका ने वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन और कलेक्टर के संबंध में अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए आलोचना की। वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने के बाद मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया।
ऑनलाइन अटेंडेंस का वीडियो बनाकर किया था विरोध
वायरल वीडियो में शिक्षिका स्कूलों में लागू किए गए नए VSK App के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था का विरोध करती दिखाई दे रही थीं। वीडियो में उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। शिक्षिका का कहना था कि अटेंडेंस ऐप के माध्यम से शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शिक्षकों के लिए समय पर उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है तो ऐसी व्यवस्था सभी विभागों, नेताओं और अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होनी चाहिए। वीडियो में उन्होंने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसके अलावा उन्होंने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या का भी उल्लेख किया था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया था।
कारण बताओ नोटिस के बाद हुई कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिक्षिका की ओर से प्रस्तुत जवाब को संतोषजनक और समाधानकारक नहीं पाया गया। विभाग ने शिक्षिका के वीडियो में की गई टिप्पणियों को उनके पदीय दायित्वों के विपरीत माना। आदेश में कहा गया है कि उनका कृत्य शासन और विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 एवं नियम 10 के तहत कदाचार माना गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बनाया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है। ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा के बीच हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति और सेवा आचरण नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है। फिलहाल विभागीय आदेश के तहत शिक्षिका का निलंबन प्रभावी कर दिया गया है।