Jagdalpur. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े करने वाले एक मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त कदम उठाया है। शराब का सेवन कर विद्यालय में अध्यापन कार्य करने और शासकीय आदेशों की अवहेलना के आरोप में एक सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल द्वारा की गई है। निलंबित शिक्षक का नाम अंशुराम कमार है, जो सहायक शिक्षक एलबी के पद पर प्राथमिक शाला फाफनी, विकासखण्ड-बस्तर में पदस्थ थे। विभागीय जांच और प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर यह सामने आया कि अंशुराम कमार नियमित रूप से शराब का सेवन कर विद्यालय में अध्यापन कार्य करते थे। इसके साथ ही उनके द्वारा शासकीय आदेशों एवं निर्देशों की अनदेखी तथा शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही थीं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बस्तर के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव में शिक्षक के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के उपनियमों का उल्लंघन माना गया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर अंशुराम कमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शिक्षक का आचरण शासकीय सेवा में रहते हुए अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की श्रेणी में आता है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। निलंबन अवधि के दौरान अंशुराम कमार का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बास्तानार निर्धारित किया गया है। इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र होंगे। विभागीय आदेश में यह भी कहा गया है कि यह निलंबन आदेश तत्काल प्रभावशील होगा और आगे की विभागीय कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर अभिभावकों और ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि प्राथमिक स्तर के विद्यालयों में शिक्षक बच्चों के भविष्य की नींव रखते हैं, ऐसे में यदि शिक्षक ही शराब के नशे में पढ़ाने आएंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग अनुशासन और कार्यकुशलता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग अब अन्य स्कूलों में भी निगरानी बढ़ाने और शिकायतों की गंभीरता से जांच करने की तैयारी कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।