Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में हुए 21 साल पुराने चावल घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के कुनकुरी गोदाम में चावल स्टॉक में हुई भारी गड़बड़ी की जांच पूरी करने के बाद EOW ने दो आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय जशपुर में करीब 40 हजार पृष्ठों का अभियोग-पत्र पेश किया है। EOW की जांच के अनुसार वर्ष 2005 में दर्ज इस मामले में कुनकुरी गोदाम में चावल की बड़ी मात्रा में कमी सामने आई थी।
प्रारंभिक जांच
में करीब 26,626.42 क्विंटल चावल कम पाया गया था। बाद में विस्तृत जांच, स्टॉक रिकॉर्ड और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद वास्तविक कमी 22,198.52 क्विंटल निर्धारित की गई। जांच में इस गड़बड़ी से शासन को 2 करोड़ 50 लाख 55 हजार 555.94 रुपये की आर्थिक क्षति होने की बात सामने आई है। EOW ने मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, स्टॉक अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

रिकॉर्ड में था स्टॉक, लेकिन गोदाम में नहीं मिला चावल
जांच के दौरान सामने आया कि कुनकुरी गोदाम में उपलब्ध वास्तविक चावल स्टॉक और विभागीय पंजियों में दर्ज जानकारी के बीच बड़ा अंतर था। आरोप है कि गोदाम के वास्तविक स्टॉक की स्थिति से अलग दस्तावेज तैयार किए गए और उनका उपयोग सरकारी रिकॉर्ड के रूप में किया गया। मामले की शुरुआत खाद्य विभाग की संक्षेपिका के आधार पर हुई थी। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने कुनकुरी गोदाम में भंडारित चावल स्टॉक में अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद EOW मुख्यालय रायपुर को अपराध दर्ज करने के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद प्रारंभिक निरीक्षण और स्टॉक सत्यापन कराया गया।

2005 में दर्ज हुआ था मामला
इस प्रकरण में 30 सितंबर 2005 को अपराध क्रमांक 01/2005 दर्ज किया गया था। इसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं गोदाम प्रभारी छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम शाखा कुनकुरी सुनील कुमार निगम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 409, 420, 467, 468 और 471 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(सी), 13(1)(डी) सहपठित धारा 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

गोदाम प्रभारी और परिवहनकर्ता की भूमिका सामने आई
EOW की जांच में पाया गया कि तत्कालीन गोदाम प्रभारी सुनील कुमार निगम और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम कुनकुरी के तत्कालीन गोदाम प्रभारी शिव शंकर वैष्णव के पास गोदाम में रखे खाद्यान्न पर प्रशासनिक नियंत्रण था। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों अधिकारियों ने परिवहनकर्ता विमल कुमार गर्ग के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत वास्तविक स्थिति से अलग दस्तावेज तैयार किए और रिकॉर्ड में अनियमितताएं कीं। हालांकि जांच के दौरान शिव शंकर वैष्णव की मृत्यु हो चुकी है। वहीं परिवहनकर्ता विमल कुमार गर्ग की भूमिका 18 डिलीवरी ऑर्डरों के माध्यम से 310.13 क्विंटल चावल के परिवहन और कथित वितरण में सामने आई है।

दो आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान
लंबी जांच प्रक्रिया के बाद EOW ने सुनील कुमार निगम और विमल कुमार गर्ग उर्फ बिल्लू निवासी खरसिया जिला रायगढ़ के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े विशेष न्यायालय जशपुर में करीब 40 हजार पृष्ठों का अभियोग-पत्र पेश किया गया है। अब इस पुराने मामले में न्यायालयीन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। EOW का कहना है कि सरकारी संपत्ति और खाद्यान्न भंडारण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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