Durg. दुर्ग। जिले में पुलिस बल की दक्षता और तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से एसटीएफ बघेरा में वार्षिक फायरिंग अभ्यास की शुरुआत कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दुर्ग के निर्देशन में 28 नवंबर 2025 से यह अभ्यास चल रहा है, जिसमें जिले के सभी अधिकारी और कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से हिस्सा ले रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार 100 प्रतिशत पुलिस बल को फायरिंग प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ बघेरा में हर वर्ष पुलिस बल का फायरिंग अभ्यास आयोजित किया जाता है, लेकिन इस वर्ष इसे विशेष महत्व दिया गया है। सुरक्षा परिस्थितियों में बदलाव, नई चुनौतियों और आधुनिक हथियारों के उपयोग को देखते हुए पुलिस बल की तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया गया है ताकि जिले के प्रत्येक पुलिसकर्मी को फायरिंग और हथियार संचालन की बेहतर समझ मिल सके।
अभ्यास में हैंडगन, इंसास राइफल, एके-47 और आधुनिक हथियारों की फायरिंग तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निरंतर अभ्यास से न केवल हथियारों पर पकड़ मजबूत होती है, बल्कि पुलिसकर्मियों का आत्मविश्वास और मनोबल भी बढ़ता है। एसटीएफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की टीम पुलिस जवानों को सुरक्षित तरीके से हथियार संचालन, त्वरित प्रतिक्रिया, सटीक निशानेबाजी और विभिन्न परिस्थितियों में रणनीतिक फायरिंग के गुर सिखा रही है।
एसएसपी दुर्ग ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का सामना करने के लिए पुलिस बल का फिट और प्रशिक्षित रहना बेहद जरूरी है। फायरिंग अभ्यास पुलिस की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आपातकालीन स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने योग्य बनाता है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित पुलिस बल अपराध नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियान और विशेष आपरेशन के दौरान अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकता है।
दुर्ग पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रशिक्षण में महिला पुलिसकर्मियों को भी समान रूप से शामिल किया जा रहा है। आधुनिक समय में महिला जवानों की भागीदारी और उनकी भूमिका को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी सभी प्रकार के हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे किसी भी परिस्थिति का दृढ़ता से सामना कर सकें। अभ्यास स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और प्रशिक्षुओं को सभी दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले दिनों में जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा। जिले में इस वार्षिक फायरिंग अभ्यास को पुलिस बल की प्रोफेशनल ट्रेनिंग का अहम हिस्सा माना जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पुलिसकर्मी अपने-अपने थानों और यूनिट्स में और अधिक कुशल और तैयार होकर तैनात होंगे।