सोनिया नगर चोरी कांड का मुख्य आरोपी धीरज शर्मा बस से गिरफ्तार

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Update: 2025-08-12 15:07 GMT
Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने सोनिया नगर में हुई लाखों की चोरी के मुख्य आरोपी धीरज शर्मा को बड़ी चालाकी से दबोचने में सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने उर्दना चौक के पास घेराबंदी कर रायगढ़ लौट रही एक बस से आरोपी को पकड़ लिया। धीरज के साथ इस मामले में उसका बचपन का दोस्त मीर रिजवान अली भी आरोपी बनाया गया है, जिसने चोरी के माल को छिपाने में मदद की थी। पुलिस के अनुसार, धीरज शर्मा 25 जून 2025 को सोनिया नगर निवासी कपड़ा व्यापारी अनूप अग्रवाल के घर हुई चोरी में शामिल था। चोरी में 4 सोने के बिस्किट, 3 चांदी के सिल्ली, 3 सोने की अंगूठियां और 3 लाख 40 हजार रुपये नकद चोरी हुए थे। घटना के दौरान चोरों ने पहचान छिपाने के लिए घर में लगे बुटिक के सीसीटीवी डीवीआर और पीओई स्विच भी निकाल दिए थे।
घटना का खुलासा इस तरह हुआ
व्यापारी अनूप अग्रवाल 22 जून को पत्नी के साथ बाहर गए हुए थे और घर पर उनका बेटा आदित्य मौजूद था। उसी रात आदित्य का मित्र पंडित धीरज और तीन स्टाफ आए थे। अगले दिन आदित्य की तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया। 23 जून को अलमारी जांचने पर चोरी का पता चला।
मामले में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, कोतवाली टीआई सुखनंदन पटेल सहित टीम ने जांच शुरू की। शुरुआती सुरागों से अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका का शक गहरा गया। इसी दौरान मीर रिजवान ने बताया कि धीरज ने घटना के अगले दिन उसे एक थैला रखने दिया था। तलाशी में पुलिस ने मीर रिजवान के पास से चोरी का सारा सोना-चांदी और गहने बरामद किए, जिनकी कीमत 42 लाख रुपये से अधिक है। हालांकि, बरामदगी के समय मीर रिजवान ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की रणनीति
घटना के बाद धीरज शर्मा फरार हो गया और कई जगह छिपकर फरारी काटता रहा। पुलिस को सूचना मिली कि वह वृंदावन से रायगढ़ बस से लौट रहा है। तुरंत उर्दना मार्ग पर घेराबंदी कर बस को रोका गया और आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में धीरज ने अनूप अग्रवाल के परिवार से जान-पहचान का फायदा उठाकर चोरी करना स्वीकार किया। उसने नकदी से पुराने कर्ज चुकाने और सोना-चांदी मीर रिजवान को देने की बात कबूली।
पुलिस ने धीरज के पास से चोरी में उपयोग की गई दो स्कूटी (एक एक्टिवा, एक इलेक्ट्रिक) और एक वनप्लस मोबाइल भी जब्त किया। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 43.30 लाख रुपये आंका गया है।
गिरफ्तार आरोपी –
धीरज शर्मा पिता स्व. रेवतीरमन शर्मा, 28 वर्ष, निवासी गोकुलधाम कॉलोनी, रायगढ़
मीर रिजवान अली पिता मीर गजनफर अली, 36 वर्ष, निवासी रियापारा, रायगढ़
बरामद संपत्ति –
4 सोने के बिस्किट
3 चांदी के सिल्ली
3 सोने की अंगूठियां (कुल कीमत लगभग 42 लाख रुपये)
स्कूटी एक्टिवा CG 13 AK 5961 (कीमत 60,000 रुपये)
इलेक्ट्रिक स्कूटी CG 13 AS 9893 (कीमत 50,000 रुपये)
वनप्लस मोबाइल (कीमत 20,000 रुपये)
कुल कीमत – लगभग 43.30 लाख रुपये
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने प्रकरण में अपराध क्रमांक 312/2025 धारा 331(4), 305 बीएनएस दर्ज किया था, जिसे बाद में सह-आरोपी मीर रिजवान के खिलाफ धारा 238, 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। दोनों आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया है।
टीम का योगदान
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में टीआई सुखनंदन पटेल, एसआई ऐनु देवांगन, एएसआई कोसो सिंह जगत, आरक्षक मनोज पटनायक, कमलेश यादव और रोशन एक्का तथा साइबर सेल की टीम का विशेष योगदान रहा। इस गिरफ्तारी से न केवल लाखों रुपये की चोरी का खुलासा हुआ, बल्कि शहर में सक्रिय चोरी गिरोह के एक बड़े नेटवर्क को भी पुलिस ने बेनकाब कर दिया। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी जल्द गिरफ्त में होंगे।
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