रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए अमित बघेल

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Update: 2026-07-22 16:38 GMT
Raipur. रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए हैं। करीब 8 महीने बाद जेल से बाहर आने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक जेल के बाहर मौजूद रहे और उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। अमित बघेल की रिहाई के मौके पर जेल के बाहर समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया। रिहाई के बाद अमित बघेल ने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।
जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार हिंसा मामले में अमित बघेल को गिरफ्तार किया गया था। मामले में उन्हें लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ और बुधवार को वह रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आने के बाद अमित बघेल सबसे पहले महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर पहुंचे और माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर हाथ में लेकर जेल परिसर से बाहर कदम रखा।


रिहाई के बाद अमित बघेल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हितों और छत्तीसगढ़िया अस्मिता के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि साल 2028 में छत्तीसगढ़ियावादी सरकार बनेगी। अमित बघेल की रिहाई को लेकर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया। समर्थकों का कहना है कि उनके नेता के बाहर आने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
जेल से बाहर निकलने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आवश्यक इंतजाम किए थे। पूरे कार्यक्रम पर पुलिस की नजर बनी रही। बलौदाबाजार हिंसा मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में काफी चर्चित रहा है। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अमित बघेल की गिरफ्तारी और अब जमानत के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अमित बघेल लंबे समय से छत्तीसगढ़िया मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनकी छत्तीसगढ़ क्रांति सेना क्षेत्रीय पहचान, स्थानीय अधिकार और छत्तीसगढ़ हितों से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। रिहाई के बाद समर्थकों ने इसे बड़ी जीत बताते हुए खुशी जाहिर की, वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले समय में अमित बघेल और उनकी पार्टी की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।
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