Raipur. रायपुर। NEET 2026 पेपर लीक मामले और देश की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर ने बुधवार को आंबेडकर अस्पताल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने इस प्रदर्शन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए छात्रों के भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित किया। JDA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष पी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल डॉक्टरों ने कहा कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET परीक्षा लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आने से छात्रों के बीच असुरक्षा और अविश्वास का माहौल बनता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। JDA रायपुर ने मांग की कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कराई जाए। संगठन ने कहा कि मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन के दौरान JDA ने दिल्ली में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस व्यवहार को लेकर भी चिंता व्यक्त की। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। छात्रों की समस्याओं को दबाने के बजाय सरकार और प्रशासन को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। संगठन ने कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा प्रणाली में ऐसे प्रावधान किए जाने चाहिए, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो।
JDA रायपुर ने इस पूरे मामले में नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि इतनी बड़ी परीक्षा से जुड़े विवाद में जवाबदेही तय होना जरूरी है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनका प्रदर्शन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है। यह आंदोलन केवल छात्रों के अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया की मांग को लेकर किया गया है।
JDA रायपुर ने कहा कि देश के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य और मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डालती है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। प्रदर्शन के अंत में डॉक्टरों ने दोहराया कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सबसे जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द आवश्यक सुधार लागू करेगी।