Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में यातायात पुलिस और थाना न्यू राजेंद्र नगर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को यातायात नियमों, कानून के प्रति जागरूकता और साइबर सुरक्षा की जानकारी देने के उद्देश्य से विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलीडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 300 छात्र-छात्राओं, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. अर्चना झा के निर्देशानुसार किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना था। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि जागरूकता और नियमों का पालन ही सुरक्षित समाज की नींव है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसीपी ट्रैफिक श्रीमती सीमा अहिरवार ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सड़क पर सुरक्षा केवल वाहन चालक की नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले और वाहन में बैठने वाले हर व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है। एसीपी ट्रैफिक ने कहा कि "नियमों का पालन ही सच्ची देशभक्ति है, सुरक्षित बच्चे ही राष्ट्र की शक्ति हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि लोग यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को गुड सेमेरिटन योजना की जानकारी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और प्रोत्साहन दिया जाता है। साथ ही दुर्घटना पीड़ितों के लिए पीएम राहत कोष और कैशलेस उपचार जैसी सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचाई जा सकती है। लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की अपील भी की गई।
एसीपी ट्रैफिक ने विद्यार्थियों को एम परिवहन ऐप, ई-चालान भुगतान प्रणाली, शहर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित ट्रैफिक कैमरों की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को नाबालिग वाहन चालकों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर वाहन मालिक और अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय और पीछे बैठते समय हमेशा आईएसआई मानक हेलमेट का उपयोग करें। इसके अलावा यातायात संकेतों का पालन करें, तेज गति और लापरवाही से वाहन न चलाएं। उन्होंने वाहनों में अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर के उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में थाना न्यू राजेंद्र नगर प्रभारी श्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी गई। थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने और नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती एंथोनी ने कमिश्नरेट पुलिस रायपुर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानून के प्रति सम्मान, जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करने में काफी मददगार साबित होते हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी को अपने जीवन में अपनाने तथा अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।