New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी पी. सुंदरराज ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद का कार्यभार संभाल लिया है। नई जिम्मेदारी ग्रहण करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भावुक संदेश साझा करते हुए देश सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पद और जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, लेकिन राष्ट्र सेवा का संकल्प हमेशा वही रहेगा। आईपीएस पी. सुंदरराज ने अपने संदेश में लिखा, “राह नई है, लेकिन सेवा का संकल्प वही है। आप सभी का स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा है।” उन्होंने कहा कि एनआईए में नई भूमिका उनके लिए एक नई यात्रा की शुरुआत है और वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे।
उन्होंने अपने संदेश में अब तक के सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि इस दौरान उन्हें मिले सहयोग, मार्गदर्शन, शुभकामनाएं और मित्रता उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। उन्होंने अपने सभी सहयोगियों, शुभचिंतकों और नागरिकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका विश्वास और प्रोत्साहन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। पी. सुंदरराज ने कहा कि नई जिम्मेदारी को वे विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े दायित्वों को पूरी गंभीरता के साथ निभाया जाएगा।
बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए रहे चर्चित
वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी पी. सुंदरराज लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के संवेदनशील बस्तर रेंज के आईजी के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्हें राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों के प्रभावी रणनीतिकार अधिकारियों में शामिल किया जाता है। बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में तैनाती के दौरान उन्होंने सुरक्षा अभियानों को नई दिशा देने का काम किया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में कई बड़े अभियान चलाए, जिससे माओवादी संगठनों को काफी नुकसान पहुंचा।
सुंदरराज पी की कार्यशैली केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। उनके कार्यकाल में सुरक्षा बलों की पहुंच उन इलाकों तक बढ़ी, जहां पहले पहुंचना बेहद कठिन माना जाता था। उन्होंने नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, जवानों की तैनाती को बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में भी काम किया। इसके अलावा सड़क निर्माण और विकास कार्यों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई।
अबूझमाड़ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अहम भूमिका
बस्तर क्षेत्र में कार्य करते हुए पी. सुंदरराज ने अबूझमाड़ जैसे बेहद कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा बलों की रणनीति और अभियान को मजबूत किया गया। उनके कार्यकाल में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और बड़ी संख्या में माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने में सफलता मिली। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी रणनीति में आक्रामक अभियान के साथ-साथ स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना भी शामिल रहा।
NIA में नई जिम्मेदारी से बढ़ी उम्मीदें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी देश की प्रमुख जांच एजेंसियों में शामिल है, जो आतंकवाद, संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करती है। ऐसे में पी. सुंदरराज जैसे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके पास नक्सल विरोधी अभियानों, सुरक्षा प्रबंधन और जमीनी स्तर की पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। माना जा रहा है कि उनका अनुभव एनआईए के कामकाज में भी उपयोगी साबित होगा। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पी. सुंदरराज ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पूरी क्षमता के साथ योगदान देना रहेगा।