Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में समय-सीमा प्रकरणों और विभिन्न विभागीय कार्यों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के शत-प्रतिशत समाधान पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि शिकायत संबंधी सभी आवेदनों का गंभीरता से निपटारा किया जाए और समाधान के बाद आवेदकों को इसकी जानकारी दी जाए, साथ ही सभी अपडेट गूगल शीट में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। उन्होंने जनगणना कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि प्रथम चरण का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए।
बैठक के दौरान पंडित दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना में एक ही बैंक खाते में राशि अंतरित होने के मामले को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कर जांच कराने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत चयनित ग्रामों में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 18 से 25 मई 2026 तक प्रत्येक ग्राम में संचालित गतिविधियों की फोटो, वीडियो, हितग्राहियों के बयान सहित पूरी जानकारी मीडिया और पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान लेखा मिलान की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। राजस्व मामलों की समीक्षा में उन्होंने नामांतरण, बंटवारा और पंजीयन प्रक्रियाओं को तेज करने पर जोर दिया तथा एसडीएम और जनपद सीईओ को नियमित समीक्षा करने को कहा। रेलवे लाइन मुआवजा वितरण को लेकर भी कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन गांवों के प्रकरण तैयार हैं, वहां प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
इसके अलावा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधूरे कार्य शीघ्र प्रारंभ करने और पूर्ण कार्यों की उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC/CC) संबंधित विभाग को भेजने के निर्देश दिए। खनिज विभाग को बिना अनुमति अवैध उत्खनन और ईंट भट्ठों पर सख्त कार्रवाई करने तथा भारी जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए। लोक निर्माण विभाग को ग्रामीणों की मांग के अनुसार खेल मैदान मर्रा को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी, सभी नगर निगमों के आयुक्त, एसडीएम और जनपद सीईओ उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभागों को जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी।