छात्रों के हित में बड़ा कदम, पेपर लीक कानून पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बयान
छग
Raipur. रायपुर। रायपुर से सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने पेपर लीक को रोकने के लिए संसद द्वारा पारित कड़े कानून का स्वागत करते हुए इसे देश के छात्रों और युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के कारण लाखों प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब नए कानून के लागू होने से ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सबसे पहले वह देश के सभी छात्रों और युवाओं को इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि संसद में पेपर लीक के खिलाफ एक कड़ा कानून पारित किया गया है, जिसके तहत दोषी पाए जाने वालों को 10 वर्ष तक के कारावास और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उनका कहना है कि यह कानून उन लोगों के खिलाफ सख्त संदेश है जो अपने निजी स्वार्थ और आर्थिक लाभ के लिए विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और ईमानदार होगी तो योग्य एवं मेहनती अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा। नए कानून से भर्ती परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी तथा युवाओं का भरोसा भी बढ़ेगा। सांसद अग्रवाल ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत, समय और उम्मीदों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। कई बार अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ती है, जिससे मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। ऐसे में दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान आवश्यक था।
उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि सरकार लगातार पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए काम कर रही है। नए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से परीक्षा माफियाओं और संगठित गिरोहों पर भी सख्त कार्रवाई संभव होगी। बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस कानून से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा और देश की परीक्षा प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को उसकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिले तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त न किया जाए। उन्होंने अंत में कहा कि यह कानून उन सभी लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। अब ऐसे मामलों में कठोर दंड के प्रावधान के कारण पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है और देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य अधिक सुरक्षित होगा।