अपराध जांच होगी और पारदर्शी, राजनांदगांव में पुलिस को मिला ई-साक्ष्य का प्रशिक्षण
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Rajnandgaon. राजनांदगांव। राजनांदगांव रेंज में अपराध अनुसंधान को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ई-साक्ष्य (e-Sakshya) एवं क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) पर एक दिवसीय रेंज स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 29 जुलाई 2026 को पुलिस लाइन राजनांदगांव में आयोजित हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल माध्यमों से जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाने की जानकारी दी गई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय कुमार यादव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए साक्ष्य संकलन, दस्तावेजों के प्रबंधन और केस जांच की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं विश्वसनीय बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-साक्ष्य मोबाइल एप के माध्यम से घटनास्थल पर फोटो और वीडियो साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित संग्रहण, उन्हें सीसीटीएनएस में एफआईआर से लिंक करने, डिजिटल दस्तावेजों के संधारण तथा नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप अनुसंधान प्रक्रिया को अपनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसके अलावा प्रतिभागियों को सीसीटीएनएस पोर्टल की विभिन्न सुविधाओं और उसके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ई-मुलाहिजा, ई-एफआईआर और ई-एफएसएल जैसी डिजिटल सेवाओं के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि पुलिस अधिकारी जांच के दौरान तकनीक का अधिकतम उपयोग कर सकें और मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो सके। प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-साक्ष्य और सीसीटीएनएस जैसी आधुनिक डिजिटल प्रणालियों का उद्देश्य पुलिस अनुसंधान को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सटीक बनाना है। इन प्रणालियों के माध्यम से घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहती है और न्यायिक प्रक्रिया में भी उनकी उपयोगिता बढ़ जाती है। इससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ अभियोजन पक्ष को भी मजबूत आधार मिलता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग करते हुए अपने दैनिक कार्यों में तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दें। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग न केवल जांच प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि अपराधियों के खिलाफ साक्ष्य आधारित कार्रवाई को भी अधिक मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सशक्त और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिजिटल साक्ष्य संग्रहण और ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीता वाधवानी, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नवी मोनिका पाण्डेय सहित राजनांदगांव रेंज के विभिन्न पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पुलिसिंग में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और आम नागरिकों को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी पुलिस सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।