अवसाद ग्रस्त महिला को सखी सेंटर से मिला मानसिक संबल

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Update: 2026-07-29 18:38 GMT
Dantewada. दंतेवाड़ा। अपने प्रियजनों को सदा के लिए खोने का आघात किसी भी व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए काफी पर्याप्त होता है, ऐसे कठिन वक्त में भावनात्मक संबल न मिलने से कुछ लोग गहरे सदमें पहुच जाते है ऐसी ही मानसिक स्थिति से मुख्यालय के आवंराभाटा निवासी महिला प्रीति सिंह भी गुजर रही थी। परन्तु महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित सखी वन स्टॉप सेंटर ने महिला के इस मुश्किल दौर को भली भांति समझते हुए इसकी जिंदगी को उबारा है। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और विकास के लिए
दृढसंकल्पित
होने का परिचय दिया है। प्राप्त सूत्रों के अनुसार आंवाराभाटा निवासी महिला प्रीति सिंह कुछ वर्ष पहले अपने पुत्र को बीमारी के कारण खो चूकी थी। और दुर्भाग्यवश पति का स्वर्गवास भी पूर्व में हो गया था। इस दोहरे मानसिक आघात में महिला को बुरी तरह तोड़ दिया। इसी अवसाद से ग्रस्त होने के कारण वे बुरी तरह नशा करने लगी। इसके बाद महिला ने घर पर रहना छोड़ दिया और पूरी तरह से नशे की गिरफ्त में आ गई। कई दिनों तक बिना खाना पीना के महिला बदहवास हालत में दिन भर भटकती रहती थी। आसपास के लोगों द्वारा जब इसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग को दी गई।

रेस्क्यू करने के लिए सखी सेंटर को भेजा गया। महिला नशे की हालत में रहने के कारण जाने को तैयार नहीं थी, तो 112 पुलिस सेवा की सहायता ली गई। इसके बाद पुलिस द्वारा महिला को सखी सेंटर पहुंचाया गया। जहां कई दिनों तक उसकी देखभाल करने के बाद चिकित्सकों की देखरेख में उपचार किया गया। साथ ही महिला की काउंसलिंग की गई जिसमें अपनी पूरी व्यथा बताते हुए उसने बताया कि वह दूसरे के घरों में काम कर अपना जीवन व्यतीत करती है। परन्तु पति और पुत्र के स्वर्गवास होने के कारण तनाव एवं अकेलेपन में वह शराब की आदी हो गई। इस पर सखी सेंटर के काउंसलर द्वारा महिला को वर्तमान में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने व शारीरिक रूप से स्वस्थ होने तक अस्थाई रूप से नारी निकेतन में रहने की सलाह दी गई ताकि उचित देखभाल हो सके। परंतु महिला ने नारी निकेतन में नहीं रहने की बात करते हुए बेटी के पास रहने की इच्छा जताई। इसके बाद सखी सेंटर द्वारा महिला की बेटी का पतासाजी की गई और उसे भी अपनी माँ के देखभाल के प्रति जागरूक किया गया। बहरहाल जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में सखी टीम के प्रयासों से पूरी तरह स्वस्थ और नशा मुक्त महिला को बेटी के पास रायपुर तक पहुंचाया गया और बेटी को सौंपा गया। अपनी बेटी के पास सुरक्षित पहुंचने के बाद पीड़ित महिला ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और सखी सेंटर के प्रति आभार जताया। इस प्रकार छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से संचालित सखी सेंटर ने महिला कल्याण की प्रतिबद्धता को पुनः सार्थक किया है।
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