Mahasamund. महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले के विद्यालयों में अपार आई.डी. (Automated Permanent Academic Account Registry – APAAR) निर्माण की धीमी प्रगति को गंभीर मामला मानते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बी.ई.ओ.) और विकासखंड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक (बी.आर.सी.) को नोटिस जारी किया है। समय-सीमा की बैठक में प्रति सप्ताह अपार आई.डी. की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि शासन के इस महत्वपूर्ण कार्य को विकासखंड स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण संतोषप्रद प्रगति नहीं हो रही है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है और समय-सीमा में संतोषप्रद जवाब न देने पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह नोटिस मुख्य रूप से महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली विकासखंडों के अधिकारियों को दिया गया है। जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में कुल 2,16,167 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 1,80,318 विद्यार्थियों का अपार आई.डी. बनाया जा चुका है, जो कुल 83.42 प्रतिशत बनता है। शेष 35,849 विद्यार्थियों का आई.डी. निर्माण लंबित है।
विकासखंडों की प्रगति इस प्रकार है:
महासमुंद: 57,590 में से 52,143 (90.54%) का आई.डी. तैयार, 5,447 शेष
बागबाहरा: 41,836 में से 34,374 (82.16%) का आई.डी., 7,462 शेष
पिथौरा: 45,707 में से 37,689 (82.46%) का आई.डी., 8,018 शेष
बसना: 34,874 में से 27,870 (79.92%) का आई.डी., 7,004 शेष
सरायपाली: 36,160 में से 28,242 (78.10%) का आई.डी., 7,918 शेष
जिला अधिकारी ने कहा कि अपार आई.डी. प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षिक डेटा को डिजिटल रूप में ट्रैक करने और उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों का रिकॉर्ड रखने का एक महत्वपूर्ण साधन है। यह प्रणाली प्रत्येक छात्र के आधार नंबर के आधार पर बनाई जा रही है, जिससे “एक राष्ट्र- एक छात्र आई.डी.” की नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। अपार आई.डी. निर्माण न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को मॉनिटर करने में मदद करेगा, बल्कि शिक्षा विभाग को योजना और नीतियों में भी सटीक आंकड़ों के आधार पर सुधार करने में सहायता देगा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी शेष विद्यार्थियों का आई.डी. निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए। साथ ही, अधिकारियों को यह भी याद दिलाया गया कि स्कूलों में आई.डी. निर्माण की धीमी प्रगति केवल प्रशासनिक कमजोरी नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की शैक्षिक रिकॉर्डिंग और भविष्य की योजना प्रभावित हो सकती है। इसलिए समयबद्ध कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्रवाई से जिले में अपार आई.डी. निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने और शैक्षणिक निगरानी को मजबूत करने की उम्मीद है।