नक्सल मुक्त बस्तर-सुरक्षित छत्तीसगढ़ यही हमारा संकल्प: CM साय

छग

Update: 2026-01-30 11:11 GMT
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने के निर्णय को बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट संकेत बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि बस्तर में शांति स्थापना और जनविश्वास बहाली की दिशा में सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयास सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के समन्वित अभियानों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर सड़क व संचार कनेक्टिविटी के चलते माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है। जिन इलाकों में कभी माओवादियों का दबदबा माना जाता था, वहां अब प्रशासनिक पहुंच मजबूत हुई है और आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। इसी बदलते माहौल के कारण माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति का उद्देश्य केवल हथियार छुड़वाना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सम्मानजनक जीवन, रोजगार और शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को नियमानुसार सहायता, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका से जोड़ने की
व्यवस्था
की जाएगी, ताकि वे स्थायी रूप से समाज का हिस्सा बन सकें। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस, अनुशासन और स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय से बस्तर में सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों की गति बढ़ने, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में विस्तार से माओवादी विचारधारा की जमीन कमजोर पड़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में और अधिक लोग हिंसा छोड़कर शांति और विकास के मार्ग को अपनाएंगे, जिससे बस्तर एक सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त क्षेत्र के रूप में उभरेगा।
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