Raipur/Arang. रायपुर/आरंग। आरंग थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया है। पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर आरंग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। मामले में पीड़िता और विधि से संघर्षरत बालक दोनों नाबालिग हैं। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोनों की पहचान गोपनीय रखी गई है।
पीड़िता की मां ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एक महिला ने आरंग थाने पहुंचकर अपनी 16 वर्षीय बेटी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक नाबालिग किशोर ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वैधानिक कार्रवाई शुरू की। प्रकरण में नाबालिग से संबंधित मामला होने के कारण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की गई।
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत केस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना आरंग में अपराध क्रमांक 419/2026 दर्ज किया है। प्रकरण में बीएनएस की धारा 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी आरंग के नेतृत्व में टीम गठित की गई और संबंधित किशोर की तलाश शुरू की गई।
13 सितंबर को किशोर हिरासत में
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 सितंबर 2026 को 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया। इसके बाद किशोर न्याय अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस ने किशोर को रायपुर के माना स्थित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है। प्रकरण में आगे की कार्रवाई किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है। पॉक्सो एक्ट के मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक करने पर कानूनी प्रतिबंध है। वहीं इस मामले में आरोपी पक्ष भी नाबालिग है और उसे विधि से संघर्षरत बालक के रूप में माना गया है। इसी कारण पुलिस ने दोनों की पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मामले से संबंधित नाम, तस्वीर, पता, स्कूल या ऐसी कोई भी जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है, जिससे नाबालिगों की पहचान उजागर हो सके।
मामले की विवेचना जारी
आरंग पुलिस प्रकरण से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना कर रही है। पीड़िता से संबंधित कानूनी प्रक्रिया भी बाल संरक्षण से जुड़े नियमों के तहत पूरी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में उनकी निजता और पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ही वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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