Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले के कोरबा पारा क्षेत्र स्थित पद्मिनी मल्टीप्लेक्स में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में मल्टीप्लेक्स की स्क्रीन नंबर-1 तक पहुंच गई, जिससे अंदर भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। आग बुझाने के अभियान में पुलिस, दमकल कर्मियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग भी सहयोग करते नजर आए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर खाली करा दिया।
आगजनी के दौरान पास स्थित नर्सिंग होम में भी धुआं भरने लगा, जिसके चलते एहतियातन उसे तत्काल खाली कराया गया। घटना के दौरान मल्टीप्लेक्स के भीतर रखे पर्दे, साउंड सिस्टम, कुर्सियां और फॉल सीलिंग जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में लगभग 50 से 60 लाख रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं और लपटों से घिर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन और दमकल विभाग को दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटे रहे। काफी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका गया, लेकिन तब तक मल्टीप्लेक्स के कई हिस्सों को नुकसान पहुंच चुका था। फिलहाल आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने की कोशिश जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की संभावना जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो। \स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरा भवन धुएं से भर गया और स्थिति बेहद भयावह हो गई। कई लोगों ने आग बुझाने में प्रशासन की मदद भी की। फिलहाल प्रशासन द्वारा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और मल्टीप्लेक्स में लगे इलेक्ट्रिकल सिस्टम, वायरिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा किस वजह से हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही या तकनीकी खामी शामिल थी या नहीं।