Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने निगम, मंडल और विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार तीन अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है, जबकि कई अन्य अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।

तीन अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा
आदेश के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। इन पदाधिकारियों को अब उनके संवैधानिक एवं प्रशासनिक दायित्वों के साथ मंत्री दर्जे के अनुरूप मिलने वाली सुविधाएं और प्रोटोकॉल प्राप्त होंगे।

इन अध्यक्षों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा
सरकार ने विभिन्न बोर्ड, आयोग और संस्थाओं के कई अध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत, छत्तीसगढ़ राज्य शकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र नायक और छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष एजाज मिर्जा बेग, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन संघ के अध्यक्ष भोजराज देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य सिंधी अकादमी की अध्यक्ष सुषमा जेठानी और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी को भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।

उपाध्यक्षों को भी राज्य मंत्री का दर्जा
सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण संस्थाओं के उपाध्यक्षों को भी राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जेपी शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी उर्फ श्री राजीव लोचन दास महाराज, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे और छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मंगल दास ठाकुर को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। सरकार के इस आदेश के बाद संबंधित निगमों, मंडलों, आयोगों और बोर्डों के पदाधिकारियों के प्रोटोकॉल एवं प्रशासनिक दर्जे में बदलाव होगा। आदेश में निर्धारित पदाधिकारियों को उनके पद के अनुसार मंत्री स्तर का दर्जा दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
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