महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ कीमत का 10 क्विंटल गांजा किया नष्ट
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Mahasamund. महासमुंद। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपए कीमत के लगभग 10 क्विंटल गांजा का विधिवत नष्टीकरण किया है। यह कार्रवाई 17 अप्रैल 2026 को बालाजी प्लांट बेलसोण्डा में जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की उपस्थिति में पूरी की गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 18 एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जप्त कुल 999.200 किलो (करीब 9 क्विंटल 99 किलो 200 ग्राम) अवैध गांजा नष्ट किया गया। इस मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 4 लाख 23 हजार 300 रुपए आंकी गई है। नष्टीकरण से पहले पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में गांजे का भौतिक सत्यापन किया गया।
जिसके बाद शासन की गाइडलाइन के अनुसार इसे नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि नष्ट किए गए इस गांजे को यदि छोटे-छोटे पैकेट में बांटा जाता, तो यह करीब 10-10 ग्राम की 1 लाख पुड़ियों के बराबर होता। इस कार्रवाई से लगभग 1 लाख लोगों तक नशा पहुंचने से रोका गया है, जिसे पुलिस ने नशा उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस नष्टीकरण में शामिल मामलों में थाना कोमाखान और बसना के 7-7 प्रकरण, सांकरा का 1 प्रकरण, सिंघोड़ा के 2 प्रकरण और पिथौरा का 1 प्रकरण शामिल है। इनमें से 2 प्रकरण वर्ष 2025 के हैं, जो सिंघोड़ा थाना क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि शेष 16 प्रकरण वर्ष 2026 के हैं, जो कोमाखान, बसना, सांकरा और पिथौरा थानों से जुड़े हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि महासमुंद पुलिस ने अप्रैल माह में ही दूसरी बार इतनी बड़ी मात्रा में गांजा नष्ट किया है।
इससे पहले 11 अप्रैल 2026 को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज तीन मामलों में जप्त 996.660 किलो (करीब 9 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम) गांजा नष्ट किया गया था। इस तरह एक ही सप्ताह के भीतर करीब 20 क्विंटल गांजा, जिसकी कुल कीमत लगभग 10 करोड़ रुपए है, का नष्टीकरण किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में नष्टीकरण कार्य पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। पुलिस ने इसे नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगेगी और युवाओं को इससे दूर रखने में मदद मिलेगी।