महादेव ऑनलाइन सट्टा केस: HC का आदेश, लंबित आपराधिक जांच में विभागीय कार्रवाई पर रोक

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Update: 2026-01-10 18:38 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। बिलासपुर उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि जिस मामले में आपराधिक केस लंबित है, उस पर विभागीय जांच नहीं चल सकती। यह आदेश बिलासपुर के पुलिस अधिकारी ASI चंद्रभूषण वर्मा के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को लेकर आया है। चंद्रभूषण वर्मा इस ऑनलाइन सट्टा मामले में आरोपी हैं और इस समय उनके खिलाफ ED-EOW द्वारा आपराधिक जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक आपराधिक मामले की सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक विभागीय जांच रोक दी जानी चाहिए। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि विभागीय कार्रवाई से आरोपी पर दोगुना दबाव बन सकता है और इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस आदेश के बाद ASI वर्मा के खिलाफ चल रही विभागीय जांच तत्काल प्रभाव से रोकी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लंबित आपराधिक मुकदमे में विभागीय कार्रवाई करने से न्यायिक निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय राज्य के उन मामलों में भी एक मिसाल बन सकता है जहाँ पुलिसकर्मियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले में विभागीय कार्रवाई चल रही हो। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि विभागीय जांच तभी शुरू की जा सकती है जब आपराधिक जांच पूरी हो जाए और कानूनी रूप से आरोपी को दोषी ठहराया जाए या मामले का निपटारा हो।
इससे पहले, बिलासपुर में ED-EOW की टीम ने महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में जांच के दौरान कई पुलिस अधिकारियों और अन्य आरोपियों को संदिग्ध मानकर नोटिस जारी किए थे। ASI वर्मा का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल था। अदालत के आदेश से अब उनकी विभागीय जांच रुकी हुई है, लेकिन आपराधिक प्रक्रिया जारी रहेगी। इस फैसले को पुलिस विभाग और ED-EOW ने कानूनी प्रक्रिया के प्रति एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा है। आदेश का उद्देश्य आरोपी और जांच प्रक्रिया दोनों के लिए न्याय सुनिश्चित करना बताया गया है। बिलासपुर के कानून विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट का यह आदेश पुलिस और अन्य विभागों को यह संदेश देता है कि लंबित आपराधिक मामलों में विभागीय कार्रवाई तब तक नहीं की जानी चाहिए जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
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