केशकाल घाट में लगा लंबा जाम, ओवरटेकिंग के चक्कर में फंसे सैकड़ों वाहन
छग
Keshkal. केशकाल। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग को प्रदेश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर शनिवार शाम यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। केशकाल घाट के संकरे और घुमावदार हिस्से में वाहनों के एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश के कारण जाम की स्थिति बन गई। शाम करीब सात बजे घाट मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगने से यात्री बसों, मालवाहक वाहनों और निजी गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। घाट के रास्ते से गुजरने वाले वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते रहे।
ओवरटेकिंग के चक्कर में बिगड़ी यातायात व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे केशकाल घाट में वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। घाट के संकरे हिस्से में कुछ वाहन चालकों ने एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश की, जिससे यातायात प्रभावित होने लगा। घुमावदार सड़क पर ओवरटेकिंग के कारण पीछे से आने वाले वाहनों की रफ्तार भी कम हो गई। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की कतार लग गई और जाम जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान घाट से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहनों को काफी धीमी गति से आगे बढ़ना पड़ा। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ स्थानीय वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
तीखे मोड़ और संकरी सड़क बनी परेशानी
केशकाल घाट अपनी घुमावदार सड़कों और तीखे मोड़ों के लिए जाना जाता है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क संकरी होने के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। घाट में चढ़ाई और ढलान के साथ कई खतरनाक मोड़ भी मौजूद हैं। ऐसे में तेज रफ्तार या गलत तरीके से ओवरटेकिंग करने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से भारी वाहनों और यात्री बसों के लिए इन मोड़ों से गुजरते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। किसी एक वाहन के गलत तरीके से आगे निकलने का प्रयास करने पर पीछे चल रहे अन्य वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
यात्री बसों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 बस्तर संभाग के लिए महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसें, ट्रक, मालवाहक वाहन और निजी गाड़ियां गुजरती हैं। केशकाल घाट में यातायात बाधित होने का असर केवल आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी परेशानी होती है। शनिवार शाम जाम की स्थिति बनने के बाद वाहन चालकों को घाट मार्ग पार करने में अतिरिक्त समय लगा। सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण कई वाहन धीमी गति से चलते रहे।
आपातकालीन वाहनों के लिए भी चुनौती
केशकाल घाट में यातायात बाधित होने से आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होने का खतरा रहता है। संकरे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगने से एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, शनिवार की घटना में किसी आपातकालीन वाहन के फंसने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद घाट मार्ग पर सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।
वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील
केशकाल घाट जैसे पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है। विशेषकर संकरे और घुमावदार हिस्सों में ओवरटेकिंग से बचना चाहिए। वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और तीखे मोड़ों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। शनिवार शाम सामने आई जाम की स्थिति ने एक बार फिर घाट मार्ग पर यातायात अनुशासन के महत्व को उजागर किया है। बस्तर की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण इस सड़क पर वाहनों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है।