Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित राजनीतिक हत्याकांडों में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश कोषाध्यक्ष राम अवतार जग्गी हत्याकांड के आरोपी चिमन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब दो दशक पुराने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, 4 जून 2003 की रात राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र के पास राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी थी। जग्गी उस समय एनसीपी के प्रदेश कोषाध्यक्ष थे और उनकी हत्या को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश देखा गया था। पुलिस जांच के दौरान इस हत्याकांड में कई आरोपियों के नाम सामने आए थे। मामले में चिमन सिंह को शूटर के रूप में आरोपी बनाया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया था।
वह सजा काट रहा था। राम अवतार जग्गी हत्याकांड को छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित राजनीतिक मामलों में गिना जाता है। हत्या के बाद जांच एजेंसियों ने कई लोगों से पूछताछ की थी और मामले की सुनवाई लंबे समय तक न्यायालय में चली। सुप्रीम कोर्ट में आरोपी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने चिमन सिंह को जमानत देने का आदेश जारी किया। हालांकि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। गौरतलब है कि राम अवतार जग्गी हत्याकांड के बाद राज्य की राजनीति में काफी विवाद हुआ था। इस मामले में जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चर्चा में रही। हत्याकांड को लेकर राजनीतिक दलों ने भी समय-समय पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी थीं। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि जमानत का मतलब दोषमुक्त होना नहीं होता है, बल्कि यह न्यायालय द्वारा दी गई अंतरिम राहत होती है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे भी न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।