Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराधियों की दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। मोहल्लों और गलियों में सक्रिय छोटे-छोटे बदमाश अब सोशल मीडिया को अपनी पहचान बनाने का हथियार मानने लगे हैं। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद अपराधियों का हौसला कम नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बदमाश समीर का इंस्टाग्राम रील वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में समीर हाथ में चाकू लहराते हुए नजर आ रहा है। वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। यह पहली बार नहीं है जब बदमाशों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल पब्लिसिटी पाने के लिए किया हो। शहर के कई इलाकों में ऐसे बदमाश अक्सर अपनी दबंगई दिखाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वीडियो बनाकर अपलोड करते हैं।
सोशल मीडिया बना अपराधियों का नया मंच
विशेषज्ञों का कहना है कि अब छोटे स्तर के बदमाश सोशल मीडिया को अपनी “पब्लिसिटी मशीन” के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वे खुद को गैंगस्टर के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हथियारों के साथ वीडियो बनाते हैं, गालियां देते हैं और डराने-धमकाने वाले स्टाइल में रील तैयार करते हैं। इसका असर यह होता है कि अन्य छोटे अपराधी भी उन्हें रोल मॉडल मानने लगते हैं और शहर में चाकूबाजी, लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। पिछले कुछ महीनों में रायपुर पुलिस के सामने यह नई चुनौती आई है कि अपराधियों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नज़र रखी जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों को पकड़कर जेल भेजती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में अपराधी मामूली धाराओं और जमानती अपराधों के चलते कुछ ही दिनों में छूटकर फिर से वारदात करने लगते हैं। यही वजह है कि अपराध का चक्र लगातार बढ़ रहा है। पुलिस को हर ऐसे मामले में अपराधियों पर गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज करने चाहिए ताकि वे लंबे समय तक जेल में रह सकें और उनके मन में कानून का भय उत्पन्न हो।
टिकरापारा थाना प्रभारी से संपर्क नहीं
मामले को लेकर जब टिकरापारा थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। संभावना है कि जैसे ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिलेगी, वे इस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
बढ़ती घटनाओं से आम जनता में भय
रायपुर शहर में आए दिन हो रही चाकूबाजी और लूट जैसी घटनाओं से आम जनता में भय का माहौल है। लोग मानते हैं कि अगर छोटे स्तर के गुंडों को शुरुआत से ही कठोर सजा मिले और उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए, तभी ऐसे अपराधियों पर अंकुश लग सकेगा। एक तरफ पुलिस अपराध रोकने की कोशिश में जुटी रहती है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों की जमानत और सोशल मीडिया पर बढ़ता प्रभाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। यदि समय रहते इन घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में राजधानी की कानून व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।