रायपुर: जनता से रिश्ता की खबर का असर एक बार फिर देखने को मिला है। भाजपा संगठन ने अकबर तिगाला को पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया है। साथ ही उन्हें प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित करने की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि जनता से रिश्ता ने अपने अगस्त अंक में अकबर तिगाला से जुड़े मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशन के बाद पार्टी संगठन ने मामले को संज्ञान में लिया और प्रदेश महामंत्री के निर्देश पर अकबर तिगाला को संगठन की जिम्मेदारियों से हटा दिया गया।
बताया जा रहा है कि पार्टी स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। संगठन की ओर से अनुशासन और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी जनता से रिश्ता की खबर पर कार्रवाई हुई थी। खाद्य मंत्री के निज सचिव की मनमानी से जुड़ी खबर को भी जनता से रिश्ता ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने पीए निज सचिव संतोष अग्रवाल को पद से हटा दिया था।
जनता से रिश्ता की खबरों के बाद लगातार हो रही कार्रवाई से यह सामने आया है कि जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का असर संबंधित विभागों और संगठनों तक पहुंच रहा है।
अकबर तिगाला की बढ़ीं मुश्किलें
भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से 16 सितंबर 2026 को जारी पत्र में अकबर तिगाला को संबोधित करते हुए कहा गया है कि उनके विरुद्ध जालसाजी करने के मामले में सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर हुए कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है। पार्टी ने इसे संगठन की छवि को धूमिल करने वाला कृत्य बताते हुए कार्रवाई की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर अकबर तिगाला को पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही आदेश जारी होने के सात दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्यों न उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया जाए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मार्कण्डेय के हस्ताक्षर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

 

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