Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में अवैध धान भंडारण और काला बाजारी पर नकेल कसने प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नोजे के निर्देश पर गठित जांच दल ने बिलाईगढ़ मंडी क्षेत्र के ग्राम दुमुहानी और पवनी में बड़ी मात्रा में अवैध धान जब्त किया। कार्रवाई शनिवार देर शाम तक चली, जिसमें तीन अलग-अलग स्थानों से कुल 187 बोरी यानी लगभग 74.8 क्विंटल धान कब्जे में लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही पंचनामा व जप्ती प्रकरण तैयार किया और आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण को मंडी विभाग के सुपुर्द किया।
सबसे पहली कार्रवाई बिलाईगढ़ मंडी क्षेत्र के ग्राम दुमुहानी में की गई, जहां मेलाराम बंजारे के निजी गोदाम में 80 बोरी (32 क्विंटल) धान संदिग्ध रूप से संग्रहीत पाया गया। टीम के पूछताछ करने पर धान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद पूरी खेप को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। बताया जा रहा है कि इस धान को समर्थन मूल्य सीजन से पहले बाजार में खपाने या अवैध तरीके से बेचने की तैयारी की जा रही थी।
इसके बाद जांच टीम ग्राम पवनी पहुंची, जहां दो प्रतिष्ठानों पर अवैध भंडारण की पुष्टि हुई। पहले मामले में रामकृष्ण साहू की दुकान परिसर से 56 बोरी (22.4 क्विंटल) धान मिला। दुकान में रखे धान के संबंध में भी मालिक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। टीम ने धान के बोरे सील कर जप्त किए और पूरे परिसर की वीडियोग्राफी भी कराई। वहीं दूसरे स्थान पर गणेश साहू के दुकान परिसर में जांच दल को 51 बोरी (20.4 क्विंटल) धान अवैध तरीके से रखा मिला। गणेश साहू भी धान की खरीदी और भंडारण से संबंधित वैध कागजात नहीं दिखा पाए, जिसके कारण यह माल भी जब्त कर लिया गया।
जांच दल में मंडी अधिकारी, नायब तहसीलदार, राजस्व अमला और पुलिस बल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होने से पहले अक्सर कुछ व्यापारी और बिचौलिये किसानों से कम दाम में धान खरीदकर अवैध स्टॉक तैयार करते हैं, जिसे बाद में या तो समर्थन मूल्य का लाभ उठाने के लिए बेचा जाता है या बाहर भेज दिया जाता है। इसी कड़ी में सख्ती बढ़ाते हुए जिले में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नोजे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर अवैध भंडारण, परिवहन और काला बाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जाए। प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी सीजन के दौरान गांवों और बाजार क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। उड़नदस्ता टीमों को भी लगातार दौरे करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत कार्रवाई योग्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में आगे भी इसी तरह की अचानक जांच जारी रहेगी। अधिकारियों ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी उपज सिर्फ मान्यता प्राप्त केंद्रों पर ही बेचें और किसी भी तरह के बिचौलियों के बहकावे में न आएं।