फाल्गुन पूर्णिमा और नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएं

छग

Update: 2026-03-12 18:00 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ और पूरे देश में विक्रम संवत 2082 के फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर होली पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। रंगों, गुलाल और मिठाइयों के बीच यह पर्व भाईचारा, प्रेम और उल्लास का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर और गले लगाकर शुभकामनाएं देते हैं। फाल्गुन पूर्णिमा की होली से पहले लोग घरों, मंदिरों और पंडालों में तैयारी करते हैं। मिठाइयों और पकवानों का विशेष आयोजन होता है। साथ ही, लोग पुराने झगड़े भूलकर सामाजिक मेल-जोल और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर बाजारों में गुलाल, रंग-बिरंगी पिचकारी, पानी की बंदूकें और मिठाइयों की खूब बिक्री होती है।


साथ ही, विक्रम संवत 2083 के नववर्ष का आगमन भी इस अवसर के साथ जुड़ा हुआ है। नववर्ष के इस पर्व पर सभी लोग अपने प्रियजनों को बधाई देते हैं और नए साल की सफलता, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं। प्रशासन और सामाजिक संगठन भी लोगों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण होली मनाने की सलाह देते हैं। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में होली के त्योहार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, गीत और सामूहिक खेल के माध्यम से मनाया जा रहा है। लोग उत्साह और उमंग के साथ एक-दूसरे को खुशियों और सौभाग्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं। इस प्रकार फाल्गुन पूर्णिमा और नववर्ष का पर्व सामाजिक मेल-जोल, प्रेम और उल्लास का संदेश देता है। यह अवसर सभी के लिए नई शुरुआत और खुशियों का प्रतीक है।
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