Baikunthpur. बैकुंठपुर। एमसीबी जिले के चिरमिरी के पोड़ी स्थित मंगल भवन में आयोजित दो दिवसीय वृहद मेगा हेल्थ कैंप के पहले दिन मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक पहल सामने आई। स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचीं कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने मृत्यु के बाद अपना देहदान करने का संकल्प लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में देहदान से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए अपना संकल्प दर्ज कराया। कलेक्टर का यह कदम चिकित्सा शिक्षा, शोध और अनुसंधान के लिए देहदान के महत्व को रेखांकित करने वाला माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहना चाहिए,
बल्कि ऐसा प्रयास होना चाहिए जिससे जीवन के बाद भी समाज और आने वाली पीढ़ियों के काम आया जा सके। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि मृत्यु के बाद यदि शरीर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के अध्ययन और शोध में उपयोगी हो सके, तो इससे भविष्य में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने इसे मानव सेवा का एक प्रभावी और सार्थक माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि देहदान को लेकर आज भी समाज के कई वर्गों में भ्रांतियां और संकोच मौजूद हैं। कई लोग सही जानकारी के अभाव में इस दिशा में निर्णय नहीं ले पाते। जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से इन भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने स्वयं देहदान का संकल्प लेकर समाज को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का संदेश दिया। मेगा हेल्थ कैंप में कलेक्टर के देहदान संकल्प की जानकारी सामने आने के बाद चिकित्सकों, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और वहां मौजूद नागरिकों ने उनके निर्णय की सराहना की। लोगों ने कहा कि जिले के प्रशासनिक प्रमुख द्वारा खुद आगे आकर ऐसा संकल्प लेना समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
विशेष रूप से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में अंगदान और देहदान को लेकर कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों की ओर से जागरूकता बढ़ाने के प्रयास लोगों को सही जानकारी देने में मददगार साबित हो सकते हैं। कलेक्टर ने नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी अपील की कि वे अंगदान और देहदान के महत्व को समझें तथा इससे संबंधित प्रमाणिक और सही जानकारी समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर खुलकर बातचीत होने से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और इससे जुड़ी गलत धारणाएं कम होंगी।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन समाप्त होने के बाद भी शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध के माध्यम से समाज के काम आ सकता है। मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना और विभिन्न चिकित्सा पहलुओं के अध्ययन में देहदान से महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। कलेक्टर ने कहा कि सेवा की भावना केवल जीवनकाल तक सीमित नहीं होती। यदि व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सके, तो यह समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश है। दो दिवसीय वृहद मेगा हेल्थ कैंप के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी लोगों को जानकारी दी जा रही है। इसी बीच कलेक्टर का देहदान संकल्प शिविर के प्रमुख संदेशों में शामिल हो गया। कलेक्टर की इस पहल ने देहदान और अंगदान जैसे विषयों को लेकर समाज में सकारात्मक चर्चा को बढ़ावा दिया है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि इस संबंध में निर्णय लेने से पहले सही जानकारी प्राप्त करें और परिवार के सदस्यों से भी खुलकर चर्चा करें।