छत्तीसगढ़
8 करोड़ की अवैध अफीम खेती का भंडाफोड़, राजस्थान से चौथा आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
12 March 2026 7:57 PM IST

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छग
Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पुलगांव थाना क्षेत्र में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर उगाई जा रही अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में बीज सप्लाई करने वाले चौथे आरोपी को भी राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। जब्त किए गए अफीम के पौधों की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच स्थित खेत में उगाई जा रही अफीम की फसल को जब्त किया था। इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान सामने आया कि इस अवैध खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने में एक अन्य आरोपी की अहम भूमिका थी, जिसे पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है।
राजस्थान से पकड़ा गया चौथा आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए चौथे आरोपी की पहचान छोटू राम (62 वर्ष) निवासी जोधपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। आरोपी लंबे समय से फरार था। पुलिस टीम उसकी तलाश में राजस्थान पहुंची और वहां से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अफीम की खेती के लिए बीज सप्लाई करने में छोटू राम की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
मक्का के खेत में छिपाकर उगाई जा रही थी अफीम
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस और बाहरी लोगों से बचने के लिए बेहद चालाकी से अफीम की खेती की थी। मक्का और भुट्टे की फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि किसी को शक न हो सके। खेत को इस तरह तैयार किया गया था कि दूर से देखने पर वह सामान्य मक्का का खेत लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खेत की जांच की तो बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे पाए गए। इसके बाद पूरी फसल को जब्त कर लिया गया और मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
5 एकड़ से अधिक जमीन में फैली थी खेती
संयुक्त पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण कर पाया कि करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में अफीम की खेती की गई थी। जब्त किए गए पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
पहले तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें
विकास बिश्नोई (जोधपुर, राजस्थान)
विनायक ताम्रकार (तेमरापारा, दुर्ग)
मनीष उर्फ गोलू ठाकुर (समोदा)
शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क मिलकर अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहा था।
खेती में इस्तेमाल किए गए उपकरण भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों से खेती में इस्तेमाल किए जा रहे कई मशीनरी और वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें
2 ट्रैक्टर
2 जेसीबी
2 मोटरसाइकिल
1 हार्वेस्टर
शामिल हैं। इन सभी उपकरणों की अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं गिरफ्तार आरोपी छोटू राम के पास से 2220 रुपये नकद और एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया है।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर की गई। इस ऑपरेशन में एसीसीयू दुर्ग, थाना पुलगांव और चौकी जेवरा-सिरसा की संयुक्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और इस अवैध नशा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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