स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने CGMSC कार्यालय का दौरा कर की समीक्षा बैठक
छग
Raipur. रायपुर। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज नवा रायपुर सेक्टर-27 स्थित सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड) कार्यालय का दौरा कर वहां एक समीक्षा बैठक की और अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और कार्यों की जानकारी ली। मंत्री जायसवाल ने बैठक के दौरान कहा कि “प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सुशासन सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
इस बैठक के दौरान सीजीएमएससी की नई वेबसाइट का लोकार्पण भी मंत्री जायसवाल के करकमलों से किया गया। इस वेबसाइट के माध्यम से अब दवा आपूर्ति, मेडिकल उपकरणों की जानकारी, स्टॉक स्थिति, खरीदी प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की प्रगति को पारदर्शी ढंग से आम जनता और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि
गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।
कर्मचारियों और अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
केवल ब्रांडेड और प्रमाणित गुणवत्ता वाली दवाइयों की खरीदी की जाए।
उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर्स, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सभी जिम्मेदार अधिकारी तत्परता से कार्य करें।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के सचिव अमित कटारिया, प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई सहित विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, दवा आपूर्ति व्यवस्था, वेयरहाउस की क्षमता, वितरण प्रणाली और आगामी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
स्वास्थ्य मंत्री की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि राज्य के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी समय पर आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय सुविधाएं पहुंचे। इसके लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि आगामी समय में सीजीएमएससी द्वारा संचालित योजनाओं का डिजिटलीकरण और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता या विलंब की संभावना न रहे।